झारखण्ड/पाकुड़ जिला स्वास्थ्य विभाग ने गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाओं के क्षेत्र में एक अभूतपूर्व कीर्तिमान स्थापित किया है। केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (NQAS) के तहत जिले के 08 नए स्वास्थ्य केंद्रों को प्रमाणित किया गया है। इस नई उपलब्धि के साथ ही जिले में अब तक कुल 58 स्वास्थ्य संस्थान इस प्रतिष्ठित मानक से सुसज्जित हो चुके हैं।
प्रमुख उपलब्धियां और आगामी लक्ष्य
स्वास्थ्य विभाग की सक्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि एक अन्य स्वास्थ्य संस्थान का परिणाम भी अंतिम चरण में है। विभाग ने वर्तमान वित्तीय वर्ष के लिए 58 से अधिक संस्थानों को प्रमाणित कराने का लक्ष्य रखा था, जिसे निरंतर प्रयासों से प्राप्त किया जा रहा है।
“प्रोजेक्ट जागृति” से बदली स्वास्थ्य सेवाओं की सूरत
इस सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उपायुक्त मनीष कुमार ने सिविल सर्जन और उनकी पूरी टीम को बधाई दी। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय “प्रोजेक्ट जागृति” के प्रभावी क्रियान्वयन को दिया। उपायुक्त के अनुसार:
जिले के स्वास्थ्य इंफ्रास्ट्रक्चर में व्यापक सुधार हुआ है।
• सेवा प्रदाय व्यवस्था (Service Delivery) को पहले से कहीं अधिक सुदृढ़ और मानक-अनुरूप बनाया गया है।
• विभिन्न स्वास्थ्य मानकों पर विशेष ध्यान देने से सेवाओं की गुणवत्ता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
ई-संजीवनी में भी पाकुड़ का दबदबा
जिले ने न केवल बुनियादी ढांचे में, बल्कि तकनीक के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। वर्ष 2025-26 की ई-संजीवनी (टेली-कंसल्टेशन) राज्य स्तरीय प्रस्तुति में पाकुड़ के 04 सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (CHOs) ने प्रदेश के ‘टॉप 10’ में अपनी जगह बनाई है। इन अधिकारियों को हाल ही में माननीय स्वास्थ्य मंत्री एवं अपर मुख्य सचिव द्वारा राज्य स्तर पर सम्मानित भी किया गया।
“यह सफलता जिले की स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का परिणाम है। मुझे पूर्ण विश्वास है कि आने वाले समय में पाकुड़ की स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक सुदृढ़ होंगी और हम सभी निर्धारित लक्ष्यों को समय सीमा के भीतर प्राप्त करेंगे।”
मनीष कुमार, उपायुक्त,पाकुड़
उपायुक्त ने स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम को इसी समर्पण भाव से कार्य करने हेतु प्रेरित किया है, ताकि अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंच सकें।








