प्रोजेक्ट ‘अलख’ के तहत बाल विवाह के विरुद्ध शंखनाद; नुक्कड़ नाटक से दिया जागरूकता का संदेश।

झारखण्ड/पाकुड़:- समाज में व्याप्त बाल विवाह जैसी कुरीति को जड़ से मिटाने के उद्देश्य से ‘प्रोजेक्ट अलख’ के अंतर्गत पाकुड़ के वीआईपी रोड पर एक भव्य जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर नवनियुक्त चौकीदारों की टीम ने प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक के माध्यम से आमजन को कुरीतियों के विरुद्ध जागरूक किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश दिवाकर पांडे ने की, जिन्होंने उपस्थित जनसमूह को बाल विवाह उन्मूलन की शपथ दिलाकर सामाजिक परिवर्तन का आह्वान किया।
चौकीदार: प्रशासन और समाज के बीच का सेतु
पुलिस अधीक्षक निधि द्विवेदी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हाल ही में नियुक्त किए गए लगभग 250 चौकीदार समाज और प्रशासन के बीच एक सशक्त कड़ी की भूमिका निभाएंगे।
इन चौकीदारों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है और जल्द ही इनकी पासिंग आउट परेड होगी।
संथाल परगना में व्याप्त रूढ़िवादी सोच को बदलने के लिए ‘प्रोजेक्ट परख 2.0’ के बाद अब ‘प्रोजेक्ट अलख’ एक निर्णायक पहल साबित होगी।
उन्होंने आह्वान किया- “सोने वाले जागें, और जागे हुए होश में आएं,” ताकि बाल विवाह को समाज से पूरी तरह समाप्त किया जा सके।
बचपन बचाने का सामूहिक संकल्प
उपायुक्त मनीष कुमार ने बाल विवाह को बच्चों के भविष्य के लिए सबसे बड़ा खतरा बताया। उन्होंने रेखांकित किया कि:
• कम उम्र में विवाह से बच्चियों का शारीरिक और मानसिक विकास रुक जाता है।
• एक शिक्षित बच्ची न केवल अपना, बल्कि आने वाली कई पीढ़ियों का भविष्य संवारती है।
• नुक्कड़ नाटक जागरूकता का एक अत्यंत प्रभावी माध्यम है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे गांवों में जाकर ऐसे कार्यक्रम आयोजित करें और डायन प्रथा एवं टीबी जैसी बीमारियों से जुड़े सामाजिक भेदभाव के खिलाफ भी आवाज उठाएं।
कानून और समाज का समन्वय
फैमिली जज रजनीकांत पाठक ने स्पष्ट किया कि बाल विवाह केवल एक सामाजिक बुराई नहीं, बल्कि एक दंडनीय अपराध भी है। इसे रोकने के लिए कानून के साथ-साथ समाज के हर वर्ग की सक्रिय भागीदारी अनिवार्य है।
नुक्कड़ नाटक ने मोहा मन
कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण के रूप में 15-16 नवनियुक्त चौकीदारों की टीम ने वीआईपी रोड पर एक मर्मस्पर्शी नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया। नाटक के जरिए बाल विवाह के दुष्परिणामों और उससे होने वाले पारिवारिक व सामाजिक पतन को जीवंत रूप में दिखाया गया। दर्शकों ने कलाकारों के इस प्रयास की मुक्तकंठ से सराहना की।
मुख्य अंश:-                                                     आयोजन स्थल:– वीआईपी रोड, पाकुड़।
मुख्य अतिथि:*- प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश दिवाकर पांडे (शपथ दिलाई)।
विशेष उपस्थिति:- उपायुक्त मनीष कुमार एवं पुलिस अधीक्षक निधि द्विवेदी।
प्रस्तुति:- नवनियुक्त चौकीदारों द्वारा नुक्कड़ नाटक।
अंत में, उपायुक्त ने पुलिस विभाग और कार्यक्रम के आयोजकों को इस सफल पहल के लिए बधाई दी और विश्वास जताया कि सामूहिक संकल्प से पाकुड़ जिला सामाजिक कुरीतियों से मुक्त होगा।

DCN News 24
Author: DCN News 24

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