पाकुड़: हूल दिवस के अवसर पर मंगलवार को पाकुड़ स्थित सिदो-कान्हू पार्क में श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिले के विभिन्न प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों सहित जनप्रतिनिधियों ने भाग लेकर सिद्धो-कान्हू की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया तथा हूल विद्रोह के अमर सेनानियों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक अनुदीप सिंह, उप विकास आयुक्त अरविन्द कुमार लाल, परियोजना निदेशक आईटीडीए अरुण कुमार एक्का, अपर समाहर्ता जेम्स सुरीन, अनुमंडल पदाधिकारी साईमन मरांडी, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी अमित कुमार, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी गौरव कुमार, नगर परिषद अध्यक्ष शबरी पाल, अंचलाधिकारी पाकुड़ अरविन्द कुमार बेदिया सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर उप विकास आयुक्त अरविन्द कुमार लाल ने कहा कि 30 जून 1855 को सिद्धो-कान्हू ने अंग्रेजी शासन की दमनकारी नीतियों, शोषण और गुलामी के विरुद्ध जनक्रांति का शंखनाद किया था। उन्होंने कहा कि हूल विद्रोह केवल एक आंदोलन नहीं था, बल्कि जनजातीय समाज के स्वाभिमान, अधिकार और स्वतंत्रता का ऐतिहासिक उद्घोष था।
उन्होंने कहा कि सिद्धो-कान्हू के आह्वान पर हजारों संथाल आदिवासियों ने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ संघर्ष करते हुए अपने प्राणों की आहुति दी। इस ऐतिहासिक जनविद्रोह ने अंग्रेजी शासन की नींव को चुनौती दी और देश की स्वतंत्रता की लड़ाई को नई दिशा प्रदान की।
उप विकास आयुक्त ने कहा कि हूल दिवस हमें अपने वीर सेनानियों के अदम्य साहस, त्याग, बलिदान और राष्ट्रभक्ति से प्रेरणा लेने का अवसर देता है। उन्होंने कहा कि वीर शहीदों की कुर्बानी को कभी भुलाया नहीं जा सकता तथा सभी लोगों से उनके आदर्शों को आत्मसात करते हुए समाज और राष्ट्र के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
Author: ZahidMansori
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