जल जीवन मिशन के तहत आयोजित कार्यक्रम में भूजल पुनर्भरण, वर्षा जल संचयन और पेयजल योजनाओं के रखरखाव पर दिया गया जोर
झारखण्ड/पाकुड़:-महेशपुर पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल,पाकुड़ की ओर से जल जीवन मिशन के अंतर्गत सोमवार, 10 अगस्त 2026 को महेशपुर प्रखंड की बासकेंद्री पंचायत के ग्राम बासकेंद्री में ‘जल अर्पण’ गतिविधि कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान पंचायत में संचालित सभी 10 पेयजल योजनाओं को लेकर ग्रामीणों को जल संरक्षण, भूजल पुनर्भरण, जल प्रबंधन और स्वच्छ पेयजल के महत्व के प्रति जागरूक किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रखंड प्रमुख शुभ लक्ष्मी मुर्मू, पंचायत के मुखिया निर्मल हेंब्रम तथा पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल, पाकुड़ के कार्यपालक अभियंता अनंत प्रसाद सिंह ने संयुक्त रूप से किया।
‘जल नहीं तो जीवन नहीं’ : प्रखंड प्रमुख
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रखंड प्रमुख शुभ लक्ष्मी मुर्मू ने कहा कि जल जीवन की मूलभूत आवश्यकता है। जल नहीं तो जीवन नहीं। मानव विकास के लिए प्रत्येक व्यक्ति को सुरक्षित और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराना अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत ‘हर घर नल से जल’ योजना के माध्यम से ग्रामीण परिवारों तक शुद्ध पेयजल पहुंचाया जा रहा है। इस व्यवस्था को लंबे समय तक प्रभावी बनाए रखने के लिए सामुदायिक सहभागिता आवश्यक है। उन्होंने ग्रामीणों से जल संरक्षण तथा जल के विवेकपूर्ण उपयोग के साथ पेयजल योजनाओं के संचालन और रखरखाव में सक्रिय भागीदारी की अपील की।
जल संरक्षण और प्रबंधन की दी गई जानकारी
कार्यपालक अभियंता अनंत प्रसाद सिंह ने ‘जल अर्पण’ कार्यक्रम के महत्व पर प्रकाश डालते हुए ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों को भूजल पुनर्भरण, जल संरक्षण, जल प्रबंधन, जल के अनावश्यक दोहन पर रोक तथा पेयजल की नियमित गुणवत्ता जांच के संबंध में विस्तृत जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए जल जीवन मिशन में समुदाय की भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने पेयजल योजनाओं के सुचारू संचालन एवं रखरखाव के लिए गृह संयोजक शुल्क के रूप में एकमुश्त ₹310 तथा ₹62 प्रतिमाह जलकर नियमित रूप से जमा करने की अपील की।
पेयजल योजनाओं के रखरखाव में सहभागिता पर जोर
बासकेंद्री पंचायत के मुखिया निर्मल हेंब्रम ने पेयजल आपूर्ति के संचालन एवं रखरखाव, वर्षा जल संचयन तथा जलकर के संबंध में ग्रामीणों को जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पेयजल एवं स्वच्छता विभाग और ग्रामीणों के बीच बेहतर समन्वय से ही पेयजल योजनाओं का दीर्घकाल तक सुचारू एवं प्रभावी संचालन संभव है।
प्रभात फेरी और जल शपथ से दिया जागरूकता का संदेश
जिला समन्वयक (सूचना, शिक्षा एवं संचार) इमरान आलम के नेतृत्व में विभिन्न जागरूकता गतिविधियां आयोजित की गईं। इस दौरान प्रभात फेरी, जल यात्रा, जल शपथ, जल श्रृंगार और जल बंधन जैसी गतिविधियों के माध्यम से ग्रामीणों को जल संरक्षण एवं स्वच्छ पेयजल के महत्व का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम के दौरान पंचायत में संचालित सभी 10 पेयजल योजनाओं का हस्तांतरण ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति को किया गया। इसका उद्देश्य पेयजल योजनाओं के संचालन एवं रखरखाव में स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है।
ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक जमा किया जलकर
कार्यक्रम के दौरान नापित पाड़ा, कुचा टोला, साहा टोला एवं मस्जिद टोला के ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक जलकर जमा किया। जलसहिया आशा देवी ने लाभुकों को मौके पर ही जलकर जमा करने की रसीद उपलब्ध कराई। इस दौरान कुल ₹1,700 जलकर के रूप में संग्रहित किया गया।
कार्यक्रम में कनीय अभियंता शुभेंदु मिश्रा, मास्टर जलसहिया मिंकी देवी, पंचायत की सभी जलसहिया दीदियां, स्वयं सहायता समूह की सदस्याएं, विद्यालय के बच्चे तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।








