पाकुड़ के पर्यटन विकास को मिलेगी नई पहचान, उपायुक्त मेघा भारद्वाज ने भौरी कोचा मंदिर और दुर्गापुर डैम का किया निरीक्षण

पाकुड़। जिले के अधिसूचित पर्यटन स्थलों को राज्य के प्रमुख पर्यटन केंद्रों के रूप में विकसित करने की दिशा में जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण पहल शुरू कर दी है। इसी क्रम में बुधवार को जिला उपायुक्त मेघा भारद्वाज ने भौरी कोचा मंदिर एवं दुर्गापुर डैम का विस्तृत निरीक्षण कर पर्यटन विकास की संभावनाओं का आकलन किया। इस दौरान उन्होंने आधारभूत सुविधाओं, स्वच्छता, सुरक्षा व्यवस्था तथा पर्यटकों के लिए आवश्यक संसाधनों का जायजा लेते हुए संबंधित विभागों को समन्वित कार्ययोजना तैयार कर शीघ्र क्रियान्वयन के निर्देश दिए।
उपायुक्त ने कहा कि पाकुड़ प्राकृतिक एवं धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से अत्यंत समृद्ध जिला है। इन स्थलों का योजनाबद्ध विकास जिले की पहचान को नई ऊंचाई देगा तथा स्थानीय युवाओं, महिलाओं और ग्रामीणों के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर सृजित करेगा। उन्होंने सभी विभागों को गुणवत्ता, समयबद्धता और पर्यावरण संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया।
भौरी कोचा मंदिर को मिलेगा आधुनिक स्वरूप
भौरी कोचा मंदिर परिसर के निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर तक सुगम आवागमन सुनिश्चित करने हेतु पुल (ब्रिज) निर्माण कराने का निर्देश दिया। उन्होंने परिसर की नियमित साफ-सफाई, यात्री शेड के आसपास विशेष स्वच्छता व्यवस्था तथा मंदिर परिसर को आकर्षक बनाए रखने पर बल दिया। साथ ही स्थानीय लोगों की आजीविका को बढ़ावा देने के लिए छोटे-छोटे स्टॉल विकसित करने, बच्चों के लिए पार्क बनाने तथा पर्यटकों एवं श्रद्धालुओं के बैठने के लिए पर्याप्त संख्या में बेंच लगाने के निर्देश दिए।
दुर्गापुर डैम बनेगा पर्यटन और मनोरंजन का नया केंद्र
दुर्गापुर डैम के निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने इसे जिले के प्रमुख पर्यटन एवं मनोरंजन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने पर्यटकों के लिए चार प्रकार की नौका (बोट) सुविधा विकसित करने, सुरक्षा के दृष्टिकोण से गार्डरेल लगाने, नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने तथा जलाशय की क्षमता बनाए रखने के लिए गाद निकासी (ड्रेजिंग) कराने को कहा।
इसके अलावा डैम के दूसरी ओर छोटे कॉटेज विकसित करने की संभावनाओं पर कार्य करने, आधुनिक शौचालयों का निर्माण तथा आकर्षक सेल्फी प्वाइंट विकसित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन सुविधाओं के विकसित होने से दुर्गापुर डैम पर्यटकों के लिए एक पसंदीदा पर्यटन स्थल के रूप में स्थापित होगा।
स्थानीय रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
उपायुक्त ने कहा कि पर्यटन विकास का उद्देश्य केवल आधारभूत सुविधाओं का विस्तार नहीं, बल्कि स्थानीय लोगों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना भी है। पर्यटन स्थलों के विकास से स्थानीय युवाओं, महिलाओं और छोटे व्यवसायियों के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध होंगे। उन्होंने अधिकारियों को स्थानीय समुदाय की सहभागिता सुनिश्चित करते हुए सभी विकास कार्यों को आगे बढ़ाने का निर्देश दिया।
समयबद्ध कार्ययोजना के साथ होगा विकास
निरीक्षण के अंतपाकुड़। जिले के अधिसूचित पर्यटन स्थलों को राज्य के प्रमुख पर्यटन केंद्रों के रूप में विकसित करने की दिशा में जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण पहल शुरू कर दी है। इसी क्रम में बुधवार को जिला उपायुक्त मेघा भारद्वाज ने भौरी कोचा मंदिर एवं दुर्गापुर डैम का विस्तृत निरीक्षण कर पर्यटन विकास की संभावनाओं का आकलन किया। इस दौरान उन्होंने आधारभूत सुविधाओं, स्वच्छता, सुरक्षा व्यवस्था तथा पर्यटकों के लिए आवश्यक संसाधनों का जायजा लेते हुए संबंधित विभागों को समन्वित कार्ययोजना तैयार कर शीघ्र क्रियान्वयन के निर्देश दिए।
उपायुक्त ने कहा कि पाकुड़ प्राकृतिक एवं धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से अत्यंत समृद्ध जिला है। इन स्थलों का योजनाबद्ध विकास जिले की पहचान को नई ऊंचाई देगा तथा स्थानीय युवाओं, महिलाओं और ग्रामीणों के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर सृजित करेगा। उन्होंने सभी विभागों को गुणवत्ता, समयबद्धता और पर्यावरण संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया।
भौरी कोचा मंदिर को मिलेगा आधुनिक स्वरूप
भौरी कोचा मंदिर परिसर के निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर तक सुगम आवागमन सुनिश्चित करने हेतु पुल (ब्रिज) निर्माण कराने का निर्देश दिया। उन्होंने परिसर की नियमित साफ-सफाई, यात्री शेड के आसपास विशेष स्वच्छता व्यवस्था तथा मंदिर परिसर को आकर्षक बनाए रखने पर बल दिया। साथ ही स्थानीय लोगों की आजीविका को बढ़ावा देने के लिए छोटे-छोटे स्टॉल विकसित करने, बच्चों के लिए पार्क बनाने तथा पर्यटकों एवं श्रद्धालुओं के बैठने के लिए पर्याप्त संख्या में बेंच लगाने के निर्देश दिए।
दुर्गापुर डैम बनेगा पर्यटन और मनोरंजन का नया केंद्र
दुर्गापुर डैम के निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने इसे जिले के प्रमुख पर्यटन एवं मनोरंजन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने पर्यटकों के लिए चार प्रकार की नौका (बोट) सुविधा विकसित करने, सुरक्षा के दृष्टिकोण से गार्डरेल लगाने, नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने तथा जलाशय की क्षमता बनाए रखने के लिए गाद निकासी (ड्रेजिंग) कराने को कहा।
इसके अलावा डैम के दूसरी ओर छोटे कॉटेज विकसित करने की संभावनाओं पर कार्य करने, आधुनिक शौचालयों का निर्माण तथा आकर्षक सेल्फी प्वाइंट विकसित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन सुविधाओं के विकसित होने से दुर्गापुर डैम पर्यटकों के लिए एक पसंदीदा पर्यटन स्थल के रूप में स्थापित होगा।
स्थानीय रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
उपायुक्त ने कहा कि पर्यटन विकास का उद्देश्य केवल आधारभूत सुविधाओं का विस्तार नहीं, बल्कि स्थानीय लोगों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना भी है। पर्यटन स्थलों के विकास से स्थानीय युवाओं, महिलाओं और छोटे व्यवसायियों के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध होंगे। उन्होंने अधिकारियों को स्थानीय समुदाय की सहभागिता सुनिश्चित करते हुए सभी विकास कार्यों को आगे बढ़ाने का निर्देश दिया।
समयबद्ध कार्ययोजना के साथ होगा विकास
निरीक्षण के अंत में उपायुक्त ने संबंधित विभागों को सभी प्रस्तावित कार्यों की विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर शीघ्र क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि प्रत्येक विकास कार्य गुणवत्ता मानकों, पर्यावरण संरक्षण तथा निर्धारित समय-सीमा का पालन करते हुए पूरा किया जाए, ताकि पाकुड़ के पर्यटन स्थलों को नई पहचान मिले और यहां आने वाले पर्यटकों को बेहतर, सुरक्षित एवं यादगार अनुभव प्राप्त हो।
निरीक्षण के दौरान जिला क्रीड़ा पदाधिकारी सह जिला पर्यटन पदाधिकारी राहुल कुमार, प्रखंड विकास पदाधिकारी सोमनाथ बनर्जी तथा जिला पर्यटन विशेषज्ञ दीपन लाहिड़ी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। में उपायुक्त ने संबंधित विभागों को सभी प्रस्तावित कार्यों की विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर शीघ्र क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि प्रत्येक विकास कार्य गुणवत्ता मानकों, पर्यावरण संरक्षण तथा निर्धारित समय-सीमा का पालन करते हुए पूरा किया जाए, ताकि पाकुड़ के पर्यटन स्थलों को नई पहचान मिले और यहां आने वाले पर्यटकों को बेहतर, सुरक्षित एवं यादगार अनुभव प्राप्त हो।
निरीक्षण के दौरान जिला क्रीड़ा पदाधिकारी सह जिला पर्यटन पदाधिकारी राहुल कुमार, प्रखंड विकास पदाधिकारी सोमनाथ बनर्जी तथा जिला पर्यटन विशेषज्ञ दीपन लाहिड़ी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

ZahidMansori
Author: ZahidMansori

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