झारखण्ड/पाकुड़:-लोकतंत्र की आधारशिला मानी जाने वाली मतदाता सूची को अधिक सुदृढ़, अद्यतन (अपडेटेड) एवं त्रुटिरहित बनाने के उद्देश्य से निर्वाचन आयोग द्वारा विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम (एसआईआर) चलाया जा रहा है। इसी क्रम में रविवार को जिले के विभिन्न प्रखंडों एवं नगर परिषद क्षेत्रों में विशेष डिजिटाइजेशन कैंप आयोजित किए गए,ताकि इस कार्य को और गति दी जा सके।
जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त (डीसी) मेघा भारद्वाज के निर्देशानुसार,इन कैंपों के प्रभावी संचालन, निरंतर अनुश्रवण (मॉनिटरिंग) और उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिनियुक्त किए गए वरीय अधिकारियों ने अपने-अपने आवंटित क्षेत्रों का दौरा कर कार्यों का विस्तृत एवं सघन निरीक्षण किया।
विधानसभा वार अधिकारियों द्वारा किया गया निरीक्षण।
विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में प्रतिनियुक्त अधिकारियों ने सक्रियता दिखाते हुए डिजिटाइजेशन कार्य की प्रगति का जायजा लिया:
लिट्टीपाड़ा विधानसभा क्षेत्र:-
लिट्टीपाड़ा प्रखंड: अनुमंडल अधिकारी (एसडीओ) द्वारा निरीक्षण संपन्न।
हिरणपुर प्रखंड: जिला पंचायत राज अधिकारी द्वारा समीक्षा की गई।
अमड़ापाड़ा प्रखंड: परियोजना निदेशक (आईटीडीए) ने कार्यों का जायजा लिया।
पाकुड़ विधानसभा क्षेत्र:-
पाकुड़ प्रखंड:- उप विकास आयुक्त (डीडीसी) ने प्रगति की समीक्षा की।
नगर परिषद क्षेत्र: उप निर्वाचन अधिकारी द्वारा डिजिटाइजेशन कार्य का स्थलीय निरीक्षण किया गया।
महेशपुर विधानसभा क्षेत्र:-
महेशपुर प्रखंड: जिला आपूर्ति अधिकारी ने व्यवस्थाओं को देखा।
पाकुड़िया प्रखंड: भूमि सुधार उप समाहर्ता (एलआरडीसी) द्वारा निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
पारदर्शिता और समयबद्धता पर विशेष जोर
निरीक्षण के दौरान वरीय अधिकारियों ने बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ), सुपरवाइजरों और संबंधित तकनीकी कर्मियों द्वारा किए जा रहे मतदाता प्रपत्रों के डिजिटाइजेशन कार्य की समीक्षा की। अधिकारियों ने प्रपत्रों की शुद्धता, डेटा प्रविष्टि (डेटा एंट्री) की गुणवत्ता और कार्य की गति पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया।
वरीय अधिकारियों का निर्देश: “प्रत्येक मतदाता से संबंधित जानकारी का डिजिटाइजेशन पूरी सावधानी, सजगता एवं पारदर्शिता के साथ किया जाए, ताकि अंतिम रूप से तैयार होने वाली मतदाता सूची पूरी तरह विश्वसनीय एवं त्रुटिरहित बन सके।”
उपायुक्त की प्रतिबद्धता: निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश
जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त मेघा भारद्वाज ने इस अभियान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता एवं विश्वसनीयता को सुदृढ़ करने की दिशा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मियों को इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया है। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि डिजिटाइजेशन के इस कार्य को निर्धारित समय-सीमा के भीतर ही पूर्ण किया जाए तथा दैनिक प्रगति की नियमित रूप से समीक्षा की जाए। उन्होंने दोहराया कि जिला प्रशासन पूरी गंभीरता और प्रतिबद्धता के साथ यह सुनिश्चित कर रहा है कि प्रत्येक पात्र मतदाता का नाम मतदाता सूची में सही और अद्यतन रूप में दर्ज हो। इसी उद्देश्य से जिले भर में इस अभियान की निरंतर निगरानी की जा रही है।








