लद्दाख के सभी सात जिलों में बनेगी स्वायत्त पर्वतीय विकास परिषद, स्थानीय भागीदारी से विकास को मिलेगी नई गति

लद्दाख/लेह। केंद्रशासित प्रदेश लद्दाख में स्थानीय स्वशासन को मजबूत करने और विकास कार्यों में आम जनता की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। प्रशासन ने घोषणा की है कि अब लद्दाख के सभी सात जिलों को लद्दाख स्वायत्त पर्वतीय विकास परिषद (एलएएचडीसी) अधिनियम का लाभ मिलेगा। इसके तहत प्रत्येक जिले में स्वायत्त पर्वतीय विकास परिषद (हिल डेवलपमेंट काउंसिल) का गठन किया जाएगा।
लद्दाख के मुख्य सचिव आशीष कुंद्रा ने लेह में पत्रकारों से बातचीत के दौरान बताया कि प्रदेश में नवगठित 17 तहसीलों में शीघ्र ही तहसीलदारों की नियुक्ति की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रशासनिक सेवाओं को गांव-गांव तक पहुंचाना, रोजगार के अवसरों का विस्तार करना तथा दूरस्थ क्षेत्रों के विकास को गति प्रदान करना है।

मुख्य सचिव ने बताया कि लद्दाख स्वायत्त पर्वतीय विकास परिषद अधिनियम की धारा 3(1) में प्रत्येक जिले में एक परिषद के गठन का पहले से ही प्रावधान है। इसे लागू करने के लिए केवल मामूली कानूनी संशोधन की आवश्यकता होगी। उन्होंने कहा कि नई परिषदों को अधिनियम के तहत निर्धारित सभी अधिकार और शक्तियां प्राप्त होंगी। यह निर्णय लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण तथा स्थानीय स्वशासन को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
गौरतलब है कि लद्दाख के समग्र विकास के उद्देश्य से लद्दाख स्वायत्त पर्वतीय विकास परिषद अधिनियम, 1995 लागू किया गया था। इसके तहत अगस्त 1995 में पहली बार चुनाव संपन्न हुए और 3 सितंबर 1995 को लेह में परिषद की पहली बैठक आयोजित की गई थी।
लद्दाख की दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों और पर्वतीय क्षेत्रों की विशेष आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए इस व्यवस्था का उद्देश्य विकास योजनाओं में स्थानीय लोगों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है। परिषदों के गठन से ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों की समस्याओं का समाधान स्थानीय स्तर पर अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकेगा।

*स्थानीय लोगों को होंगे ये प्रमुख लाभ*

विकास योजनाओं एवं नीतियों के निर्माण में स्थानीय जनता की प्रत्यक्ष भागीदारी सुनिश्चित होगी।
क्षेत्रीय आवश्यकताओं के अनुरूप योजनाओं का निर्माण एवं प्रभावी क्रियान्वयन किया जाएगा।
सड़क, पेयजल, बिजली तथा अन्य बुनियादी सुविधाओं का विस्तार तेजी से होगा।
स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर सृजित किए जाएंगे।
पर्वतीय क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति मिलने से लोगों का जीवन अधिक सुरक्षित, सुविधाजनक और सुगम बनेगा।

यह निर्णय लद्दाख में जनभागीदारी आधारित विकास मॉडल को सुदृढ़ करने के साथ-साथ स्थानीय प्रशासन को अधिक प्रभावी एवं उत्तरदायी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

ZahidMansori
Author: ZahidMansori

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