पाकुड़ में मासिक अपराध गोष्ठी आयोजित, दुर्गापूजा में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश।

लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन, यातायात नियमों के पालन और अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने पर दिया गया जोर।
झारखण्ड/पाकुड़:- पुलिस अधीक्षक अनुदीप सिंह की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सभागार में सितंबर माह की मासिक अपराध गोष्ठी आयोजित की गई। बैठक में जिले की कानून-व्यवस्था, लंबित आपराधिक मामलों के निष्पादन, यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने तथा आगामी दुर्गापूजा और दशहरा पर्व के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करने को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय), महेशपुर एवं पाकुड़ के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, सभी पुलिस निरीक्षक, थाना एवं ओपी प्रभारी तथा विभिन्न शाखाओं के प्रभारी उपस्थित रहे।
दुर्गापूजा और मूर्ति विसर्जन को लेकर विशेष सतर्कता के निर्देश
पुलिस अधीक्षक ने दुर्गापूजा एवं दशहरा पर्व-2026 को शांतिपूर्ण और सुरक्षित ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी थाना एवं ओपी प्रभारियों को पूजा समितियों के साथ पुनः बैठक करने का निर्देश दिया। उन्होंने मूर्ति विसर्जन मार्गों का भौतिक सत्यापन करने, संवेदनशील स्थलों की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई करने तथा पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा।
इसके अलावा यातायात प्रभारी को विस्तृत यातायात योजना तैयार करने, सभी पूजा पंडालों की निगरानी ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से करने तथा असामाजिक तत्वों पर विशेष नजर रखने का निर्देश दिया गया।
94 मामले दर्ज, 98 मामलों का निष्पादन
मासिक अपराध गोष्ठी के दौरान दर्ज और निष्पादित आपराधिक मामलों की समीक्षा की गई। समीक्षा में बताया गया कि सितंबर माह में जिले में कुल 94 मामले दर्ज किए गए, जबकि 98 मामलों का निष्पादन किया गया।
पुलिस अधीक्षक ने सभी थाना एवं ओपी प्रभारियों को लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन करने का निर्देश दिया। साथ ही लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो) से संबंधित मामलों का निर्धारित समय-सीमा के भीतर निष्पादन करने तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और स्वापक औषधि एवं मनःप्रभावी पदार्थ अधिनियम से जुड़े मामलों में तेजी लाने को कहा। लंबित वारंट और कुर्की से संबंधित मामलों के निष्पादन के लिए 50 प्रतिशत का लक्ष्य निर्धारित किया गया।
सड़क दुर्घटनाओं पर नियंत्रण के लिए चलेगा वाहन जांच अभियान
जिले में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर नियंत्रण और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए पुलिस अधीक्षक ने सभी थाना एवं ओपी प्रभारियों को जिला परिवहन पदाधिकारी के साथ समन्वय स्थापित कर नियमित वाहन जांच अभियान चलाने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि अलग-अलग समय और स्थानों पर सघन जांच अभियान चलाकर वाहन चालकों के हेलमेट, सीट बेल्ट, पंजीकरण और बीमा की जांच की जाए। शराब पीकर वाहन चलाने वालों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाकर मोटर वाहन अधिनियम के तहत विधिसम्मत कार्रवाई की जाए। साथ ही सड़क दुर्घटनाओं से संबंधित मामलों का ई-डार पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अभिलेखन करने का निर्देश भी दिया गया।
चोरी और लूट की घटनाओं पर अंकुश लगाने के निर्देश
चोरी, लूट, डकैती और घरों में सेंधमारी जैसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए सभी थाना प्रभारियों को नियमित गश्त करने तथा सघन जांच अभियान चलाने को कहा गया। पिछले पांच वर्षों के दौरान संपत्ति संबंधी अपराधों में सक्रिय रहे और दोषसिद्ध अपराधियों पर निगरानी रखने के लिए उनके नाम निगरानी पंजी एवं गुंडा पंजी में दर्ज कराने तथा आवश्यकतानुसार अपराध नियंत्रण अधिनियम के तहत प्रस्ताव भेजने का निर्देश दिया गया।
अवैध खनन और नशीले पदार्थों के कारोबार पर सख्ती
पुलिस अधीक्षक ने अवैध पत्थर, कोयला और बालू के उत्खनन एवं परिवहन पर रोक लगाने के लिए जिला खनन कार्यबल के साथ समन्वय स्थापित कर नियमित छापेमारी करने का निर्देश दिया। इसके अलावा अवैध मादक पदार्थों और शराब की खरीद-बिक्री के विरुद्ध शून्य सहनशीलता की नीति अपनाते हुए लगातार छापेमारी अभियान चलाने को कहा गया।
महिलाओं और शिकायतकर्ताओं के प्रति संवेदनशील व्यवहार पर जोर
बैठक में पुलिस अधीक्षक ने सभी थाना एवं ओपी प्रभारियों को निर्देश दिया कि थाने में आने वाले शिकायतकर्ताओं और महिलाओं को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए। उनकी शिकायतों को गंभीरता और शालीनता से सुनते हुए कानून के अनुरूप कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने पॉक्सो, साइबर अपराध, मानव तस्करी, नशामुक्ति, महिला उत्पीड़न, डायन प्रथा, बाल विवाह तथा समाज में प्रचलित अन्य कुरीतियों के दुष्परिणामों के प्रति लोगों को जागरूक करने पर भी जोर दिया। इसके लिए प्रत्येक माह विद्यालयों, महाविद्यालयों, हाट-बाजारों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया गया। महिला थाना प्रभारी को प्रत्येक सप्ताह विद्यालयों और महाविद्यालयों में जाकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने को कहा गया।








