झारखण्ड/पाकुड़:- हजारीबाग में स्वास्थ्य मंत्री के समर्थकों द्वारा एक पत्रकार के साथ की गई कथित मारपीट और अभद्र व्यवहार की घटना की गूँज अब पूरे राज्य में सुनाई दे रही है। इस घटना के विरोध में पाकुड़ प्रेस क्लब के सदस्यों ने कड़ा आक्रोश व्यक्त करते हुए अपनी एकजुटता दिखाई है।
उपायुक्त के माध्यम से उठाई आवाज
घटना से आक्रोशित पत्रकारों ने पाकुड़ प्रेस क्लब के बैनर तले उपायुक्त मेघा भारद्वाज (DC) कार्यालय तक मार्च किया और उपायुक्त के माध्यम से महामहिम राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में घटना की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर त्वरित कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।
“लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर प्रहार”
प्रेस क्लब के सदस्यों ने मीडिया को संबोधित करते हुए इस हमले की कड़ी निंदा की। उनके वक्तव्य के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
• लोकतंत्र पर हमला:- पत्रकारों ने स्पष्ट किया कि पत्रकार पर हमला केवल एक व्यक्ति पर हमला नहीं, बल्कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को कुचलने का प्रयास है।
• सुरक्षा की मांग:- राज्य में पत्रकारों के खिलाफ बढ़ती हिंसा पर चिंता जताते हुए, उन्होंने पत्रकार सुरक्षा कानून (Journalist Protection Act) की आवश्यकता पर बल दिया।
• दोषियों पर कार्रवाई:- प्रेस क्लब ने मांग की है कि मंत्री के समर्थकों की पहचान कर उन्हें तत्काल गिरफ्तार किया जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
“जब सच दिखाने वालों को सत्ता के संरक्षण में डराया या पीटा जाएगा, तो समाज का विश्वास व्यवस्था से उठने लगेगा। हम इस अन्याय के खिलाफ चुप नहीं बैठेंगे।”
पाकुड़ के पत्रकारों ने यह चेतावनी दी है कि यदि इस मामले में जल्द ही न्यायोचित कार्रवाई नहीं की गई, तो वे चरणबद्ध तरीके से आंदोलन को और उग्र करेंगे। वर्तमान में, पूरे जिले के पत्रकार जगत में इस घटना को लेकर गहरा असंतोष व्याप्त है।








