झारखण्ड/पाकुड़:- चांदपुर नहर से संबंधित लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन और राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के निर्देशों के अनुपालन को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सख्त नजर आ रहा है। इसी क्रम में आज अपर समाहर्ता जेम्स सुरीन की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक संपन्न हुई, जिसमें पर्यावरणीय मानकों और विधिक प्रक्रियाओं की गहन समीक्षा की गई।
विभागों से मांगी गई अद्यतन रिपोर्ट
बैठक के दौरान अपर समाहर्ता ने स्पष्ट निर्देश दिया कि चांदपुर नहर से जुड़े सभी संबंधित विभाग अब तक की गई कार्रवाई और वर्तमान वस्तुस्थिति की विस्तृत रिपोर्ट अविलंब उपलब्ध कराएं। उन्होंने जोर दिया कि पत्राचार के माध्यम से सभी महत्वपूर्ण तथ्यों को संकलित किया जाए ताकि स्थिति का समग्र आकलन कर एनजीटी के समक्ष सटीक रिपोर्ट प्रस्तुत की जा सके।
भविष्य की कार्रवाई का रोडमैप तैयार
समिति की यह प्रथम बैठक आगामी रणनीति के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण रही। बैठक में निर्णय लिया गया कि:
• सभी विभागों से प्राप्त प्रतिवेदनों का सूक्ष्म विश्लेषण किया जाएगा।
• तथ्यों के आधार पर अगली बैठक में ठोस सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।
• नहर से संबंधित कार्यों में किसी भी स्तर पर होने वाली देरी या शिथिलता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पारदर्शिता और पर्यावरण संरक्षण सर्वोच्च प्राथमिकता
प्रशासन ने अपना रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि चांदपुर नहर मामले में पारदर्शिता और पर्यावरणीय मानकों का अक्षुण्ण पालन सुनिश्चित करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। अधिकारियों को चेतावनी दी गई है कि किसी भी प्रकार की अनियमितता या लापरवाही पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
“हमारा लक्ष्य विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाना है। एनजीटी के दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित किया जाएगा।”
बैठक में उपस्थिति:
इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में अनुमंडल पदाधिकारी, सिंचाई विभाग के अभियंता, झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के प्रतिनिधि, अंचलाधिकारी (पाकुड़) तथा अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
संवादाता पाकुड़








