झारखण्ड/पाकुड़:- उपायुक्त मेघा भारद्वाज ने बुधवार को महेशपुर प्रखंड सह अंचल कार्यालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तथा कैराछत्तर स्थित पीएम कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न विभागों के कार्यों की समीक्षा की और अधिकारियों को जनहित के कार्यों में पारदर्शिता एवं तत्परता बरतने का निर्देश दिया।
प्रखंड एवं अंचल कार्यालय की समीक्षा
प्रखंड कार्यालय पहुँचने पर प्रखंड विकास पदाधिकारी डॉ. सिद्धार्थ शंकर यादव, अंचलाधिकारी संजय कुमार सिन्हा एवं जेएसएलपीएस की दीदियों ने उपायुक्त का स्वागत किया। निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त ने प्रखंड, अंचल तथा बाल विकास परियोजना कार्यालय की फाइलों एवं प्रगति रिपोर्ट की बारीकी से जांच की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आम जनता के कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचना सुनिश्चित करें।
तकनीकी कार्यों में गति लाने का निर्देश
कार्यालय परिसर की विभिन्न शाखाओं और कंप्यूटर ऑपरेटर कक्ष के निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने सभी ऑपरेटरों को नियमानुसार कार्य करने एवं लंबित फाइलों का शीघ्र निष्पादन करने का आदेश दिया।
स्वास्थ्य केंद्र में अव्यवस्था पर जताई नाराजगी
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र महेशपुर के निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने ओपीडी, लेबर रूम,दवा कक्ष और इमरजेंसी वार्ड का जायजा लिया। अस्पताल में बिजली आपूर्ति बाधित पाए जाने पर उन्होंने प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ.सुनील कुमार किस्कु को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने निर्देश दिया कि जनरेटर का उन्नयन (Upgrade) किया जाए और वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर तत्काल इनवर्टर स्थापित किए जाएं। साथ ही, उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों को मरीजों के साथ शालीन व्यवहार करने और स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने को कहा।
कस्तूरबा विद्यालय में शिक्षा एवं सुविधाओं की जांच
कैराछत्तर स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय के निरीक्षण में उपायुक्त ने छात्राओं से संवाद कर पठन-पाठन की गुणवत्ता को परखा। उन्होंने जर्जर भवन की मरम्मत, नए शौचालयों के निर्माण का प्रस्ताव तैयार करने और छात्राओं के लिए खेल का मैदान विकसित करने के निर्देश दिए।
सत्यापन के बिना नहीं होगा राशि का हस्तांतरण
उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि “मैय्या सम्मान योजना” सहित अन्य कल्याणकारी योजनाओं के तहत लाभुकों को राशि प्रदान करने से पूर्व उनका भौतिक सत्यापन अनिवार्य रूप से किया जाए। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि बिना सत्यापन के किसी भी खाते में राशि का हस्तांतरण नहीं होना चाहिए।
आंगनबाड़ी केंद्रों का सुदृढ़ीकरण
बाल विकास परियोजना की समीक्षा करते हुए उन्होंने सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में पेयजल, बिजली और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि बच्चों के विकास के लिए आधारभूत ढांचे में कोई कमी नहीं रहनी चाहिए।
इस निरीक्षण के दौरान बीपीओ रिजवान फारुकी, बीपीआरओ मुजीबुर रहमान, सहायक अभियंता उत्तम बैध सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी एवं कर्मचारी मुख्य रूप से उपस्थित थे।








