झारखण्ड/पाकुड़ जिला उद्योग केंद्र, पाकुड़ के सभागार में रैंप (RAMP) योजना के अंतर्गत पीएमएफएमई (PMFME) विषय पर एक दिवसीय जागरूकता शिविर का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जिले के युवाओं, उद्यमियों और स्वरोजगार के इच्छुक व्यक्तियों को खाद्य प्रसंस्करण (Food Processing) क्षेत्र से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना था।
स्वरोजगार और अनुदान पर विशेष जोर
शिविर को संबोधित करते हुए जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक ने बताया कि सरकार खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना के लिए 35 प्रतिशत तक का वित्तीय अनुदान (Subsidy) प्रदान कर रही है। कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने निम्नलिखित मुख्य बिंदुओं पर विस्तृत जानकारी साझा की:
• उद्यम पंजीकरण:** नए उद्योगों के पंजीकरण की सरल प्रक्रिया।
• वित्तीय सहायता:** बैंकों के माध्यम से ऋण प्राप्ति और सरकार द्वारा दी जाने वाली सब्सिडी।
• मूल्य संवर्धन (Value Addition):** स्थानीय कृषि उत्पादों का प्रसंस्करण कर उनकी कीमत और मांग बढ़ाने के तरीके।
• ग्रामीण अर्थव्यवस्था:** सूक्ष्म उद्योगों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित करना।
मौके पर ही निष्पादित हुए आवेदन
शिविर की सफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कार्यक्रम के दौरान त्वरित कार्रवाई करते हुए कई आवेदनों का निपटारा किया गया:
• 05 नए पंजीकरण: पीएमएफएमई योजना के तहत ऑन-द-स्पॉट पंजीकरण किए गए।
• आवेदन प्रगति: 02 मामलों को डीआरपी (DRP) स्तर से डीएनओ (DNO) स्तर तक अग्रसारित किया गया।
• तत्काल भुगतान: 01 आवेदन को स्वीकृति प्रदान करते हुए भुगतान की प्रक्रिया पूर्ण की गई।
• नए आवेदन: शिविर में कुल 24 नए आवेदन प्राप्त हुए।
आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम
ईओडीबी (EODB) प्रबंधक पुनम बर्मन ने युवाओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि पीएमएफएमई योजना स्थानीय स्तर पर सूक्ष्म उद्योगों को बढ़ावा देने और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। उन्होंने जिले के अधिक से अधिक लोगों से इस योजना से जुड़ने का आह्वान किया।
इस अवसर पर जेएसएलपीएस के डीपीएम प्रवीण मिश्रा,आरसेटीआई के संकाय प्रभारी अमित बर्धन, मुख्यमंत्री लघु एवं कुटीर उद्योग विकास बोर्ड के प्रखंड समन्वयक सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और 56 प्रतिभागी उपस्थित थे।








