झारखंड/गोड्डा। राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान-2026 के अंतर्गत सदर अस्पताल, गोड्डा में जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ उप विकास आयुक्त द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया तथा 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को पोलियो की दो बूंद पिलाकर अभियान की औपचारिक शुरुआत की गई।
इस अवसर पर उप विकास आयुक्त ने कहा कि पोलियो एक गंभीर बीमारी है, जो बच्चों में आजीवन दिव्यांगता का कारण बन सकती है। इससे बचाव का सबसे प्रभावी उपाय प्रत्येक राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के दौरान सभी पात्र बच्चों को समय पर पोलियो की खुराक दिलाना है। उन्होंने कहा कि भारत ने लंबे समय तक चले सामूहिक प्रयासों के बाद पोलियो मुक्त देश का गौरव प्राप्त किया है और इस उपलब्धि को बनाए रखना समाज के प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।
उन्होंने जिले के सभी अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि वे अपने 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की दो बूंद अवश्य पिलवाएं तथा आसपास के परिवारों को भी इस अभियान में सहभागी बनने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि यदि कोई भी बच्चा इस खुराक से वंचित रह जाता है, तो अभियान का उद्देश्य प्रभावित हो सकता है। इसलिए जनस्वास्थ्य से जुड़े इस अभियान को जनभागीदारी का स्वरूप देना आवश्यक है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सिविल सर्जन ने कहा कि राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान का मुख्य उद्देश्य जिले के प्रत्येक पात्र बच्चे तक पोलियो की जीवनरक्षक खुराक पहुंचाना है। इसके लिए जिले के सभी प्रखंडों में पर्याप्त संख्या में पोलियो बूथ स्थापित किए गए हैं तथा प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी, एएनएम, सहिया और आंगनबाड़ी सेविकाओं की प्रतिनियुक्ति की गई है।
उन्होंने बताया कि अभियान के अगले चरण में स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर छूटे हुए बच्चों को पोलियो की दो बूंद पिलाएंगी, ताकि कोई भी बच्चा इस सुरक्षा कवच से वंचित न रह जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि पोलियो की खुराक पूरी तरह सुरक्षित, प्रभावी और निःशुल्क है।
सिविल सर्जन ने जानकारी दी कि अभियान के सफल संचालन के लिए जिलेभर में व्यापक तैयारियां की गई हैं। सभी पोलियो बूथों पर आवश्यक संसाधनों एवं दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है तथा माइक्रोप्लान के अनुसार स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अधिकारियों एवं स्वास्थ्यकर्मियों ने भी जिलेवासियों से अभियान को सफल बनाने की अपील करते हुए कहा कि “दो बूंद जिंदगी की” केवल एक नारा नहीं, बल्कि प्रत्येक बच्चे के स्वस्थ, सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य का संकल्प है।
Author: ZahidMansori
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