जमशेदपुर में हिमांशु सिंह हत्याकांड को लेकर बढ़ा तनाव, परिजनों ने अस्थायी नौकरी का प्रस्ताव ठुकराया

झारखंड/जमशेदपुर: करनी सेना के नेता हिमांशु सिंह हत्याकांड को लेकर शहर में तनाव लगातार गहराता जा रहा है। बुधवार को मृतक के आवास के बाहर एक बार फिर हंगामे की स्थिति उत्पन्न हो गई। पीड़ित परिवार से बातचीत करने पहुंचे पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों को परिजनों के विरोध का सामना करना पड़ा। आक्रोशित परिजनों ने अधिकारियों को वापस लौटा दिया और पुलिस-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

जानकारी के अनुसार, जिला प्रशासन ने मृतक की पत्नी ऋचा सिंह को नौकरी देने का प्रस्ताव भेजा था। हालांकि, परिजनों ने इस प्रस्ताव को यह कहते हुए अस्वीकार कर दिया कि उन्हें केवल स्थायी सरकारी नौकरी ही स्वीकार होगी। प्रशासन द्वारा अस्थायी नियुक्ति की पेशकश किए जाने से परिवार संतुष्ट नहीं हुआ, जिसके बाद विरोध और तेज हो गया।

परिजनों ने स्पष्ट रूप से कहा कि जब तक ऋचा सिंह को स्थायी सरकारी नौकरी नहीं दी जाती और हिमांशु सिंह की हत्या के आरोपियों के विरुद्ध कड़ी एवं शीघ्र कार्रवाई नहीं होती, तब तक वे शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।

इस बीच पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास, पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता, मानगो की मेयर सुधा गुप्ता तथा झामुमो के प्रवक्ता कुणाल सारंगी पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे और उन्हें न्याय दिलाने का भरोसा दिया।

वहीं, जिला प्रशासन ने धालभूम अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) के माध्यम से नौकरी से संबंधित पत्र परिवार को उपलब्ध कराया, लेकिन स्थायी नियुक्ति नहीं होने के कारण परिजनों ने उसे स्वीकार करने से इनकार कर दिया।

मीडिया से बातचीत में पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि यदि पीड़ित परिवार को शीघ्र न्याय नहीं मिला और शहर की कानून-व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, तो 3 जुलाई को जमशेदपुर बंद का आह्वान किया जाएगा।

ZahidMansori
Author: ZahidMansori

Fight against corruption's

Leave a Comment