झारखंड/रांची। युवाओं का आक्रोश अब बदलाव की ताकत बनता जा रहा है। रांची में “छात्रों की गूंज” अभियान के तहत निकाले गए मशाल जुलूस में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया और छात्रों के अधिकारों, निष्पक्ष परीक्षाओं तथा बेहतर शिक्षा व्यवस्था की मांग को मजबूती से उठाया।
जुलूस में शामिल विद्यार्थियों ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, परीक्षा प्रक्रिया में निष्पक्षता और सभी छात्रों के लिए समान अवसर सुनिश्चित किए जाने चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने प्रश्नपत्र लीक जैसी घटनाओं पर रोक लगाने और शिक्षा तंत्र को अधिक जवाबदेह बनाने की मांग की।
छात्रों ने कहा कि हर छात्र को न्याय मिलना चाहिए और यही इस जनआंदोलन का मूल संकल्प है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक विद्यार्थियों की समस्याओं का समाधान नहीं होता, तब तक यह आवाज और अधिक मजबूती के साथ उठती रहेगी।
मशाल जुलूस के दौरान प्रतिभागियों ने शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखी और सरकार से शिक्षा व्यवस्था में ठोस सुधार करने की अपील की। छात्रों का कहना था कि यह आंदोलन केवल विरोध नहीं, बल्कि न्यायपूर्ण और बेहतर भविष्य की दिशा में एक सामूहिक प्रयास है।
Author: ZahidMansori
Fight against corruption's








