उत्तरप्रदेश/गौतमबुद्ध नगर। आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में बुधवार से ईवीएम और वीवीपैट मशीनों की फर्स्ट लेवल चेकिंग (एफएलसी) शुरू की जाएगी। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच करीब 3,000 ईवीएम और वीवीपैट मशीनों की जांच की जाएगी। यह प्रक्रिया मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में पूरी की जाएगी।
जिला प्रशासन के अनुसार, सभी ईवीएम और वीवीपैट मशीनें अभी कलेक्ट्रेट परिसर स्थित वेयरहाउस में सीलबंद हैं। जांच के दौरान मशीनों की कार्यप्रणाली और तकनीकी स्थिति का परीक्षण किया जाएगा। जांच में सही पाई जाने वाली मशीनों को आगामी विधानसभा चुनाव में मतदान के लिए सुरक्षित रखा जाएगा।
जांच के दौरान कुछ ईवीएम और वीवीपैट मशीनों को रिजर्व के तौर पर भी सुरक्षित रखा जाएगा। मतदान के दौरान किसी मशीन में तकनीकी खराबी आने पर इन रिजर्व मशीनों का उपयोग किया जाएगा।
वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी के बीच होगी जांच
उप जिला निर्वाचन अधिकारी अजीत कुमार सिंह ने बताया कि ईवीएम और वीवीपैट की जांच कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच कराई जाएगी। पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी भी कराई जाएगी, ताकि जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे। राजनीतिक दलों के अधिकृत प्रतिनिधियों की मौजूदगी में मशीनों की जांच की जाएगी।
इससे पहले भारतीय निर्वाचन आयोग की ओर से ग्रेटर नोएडा स्थित गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय में प्रदेश के 21 जिलों के जिला निर्वाचन अधिकारियों और उप जिला निर्वाचन अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया था। प्रशिक्षण में अधिकारियों को ईवीएम और वीवीपैट की कार्यप्रणाली तथा उनकी जांच प्रक्रिया के संबंध में जानकारी दी गई थी। इसके बाद अब जिले में फर्स्ट लेवल चेकिंग की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
बिहार से लाई गईं 1,100 ईवीएम
आगामी विधानसभा चुनाव के लिए जिले में 1,100 ईवीएम बिहार से भी लाई गई हैं। इन मशीनों को बिहार से लाने के लिए तहसीलदार स्तर के अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई थी। ईवीएम को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच जिले में लाकर कलेक्ट्रेट परिसर स्थित वेयरहाउस में सुरक्षित रखा गया है।
जिला प्रशासन का कहना है कि चुनाव की तैयारियों को निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा रहा है, ताकि मतदान प्रक्रिया सुचारु और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराई जा सके।








