झारखण्ड/पाकुड़:- 06 मई, 2026 जिला समाज कल्याण विभाग, पाकुड़ के तत्वावधान में आज नवनियुक्त महिला पर्यवेक्षिकाओं के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का सफल आयोजन किया गया। जिला समाज कल्याण पदाधिकारी बसंती ग्लाडिस बाड़ा की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नवचयनित पदाधिकारियों को विभागीय कार्यप्रणाली, दायित्वों और लोक-कल्याणकारी योजनाओं से अवगत कराना था।
प्रमुख उपस्थिति और मार्गदर्शन
प्रशिक्षण सत्र में मुख्य रूप से जिला बाल संरक्षण इकाई के विकास ठाकुर, महिला पर्यवेक्षिका बबली शर्मा एवं हिरणपुर की महिला पर्यवेक्षिका टुसूमुनि मुर्मू ने सक्रिय सहभागिता निभाई। प्रशिक्षकों ने नवनियुक्त पर्यवेक्षिकाओं को संवेदनशीलता और उत्तरदायित्व के साथ कार्य करने के गुर सिखाए।
सशक्त समाज की आधारशिला हैं महिला पर्यवेक्षिकाएं
संबोधन के दौरान जिला समाज कल्याण पदाधिकारी श्रीमती बाड़ा ने सभी नवनियुक्त कर्मियों को बधाई देते हुए कहा:
“महिला पर्यवेक्षिकाएं शासन और समाज के बीच की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। सरकारी योजनाओं को धरातल पर उतारने और अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुँचाने की जिम्मेदारी इन्हीं के कंधों पर है। इनका प्रभावी कार्य ही समाज के समग्र विकास को गति प्रदान करेगा।”
इन प्रमुख योजनाओं पर दिया गया विस्तृत प्रशिक्षण
कार्यशाला के दौरान विभिन्न विभागीय योजनाओं के तकनीकी और व्यावहारिक पहलुओं पर चर्चा की गई:
• पोषण एवं स्वास्थ्य:- पोषण ट्रैकर (FRS/THR) का संचालन।
• बालिका एवं महिला विकास:- सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ और मुख्यमंत्री कन्यादान योजना।
• मातृ वंदना:- प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के सुचारू क्रियान्वयन की प्रक्रिया।
• सामाजिक सुधार:- सामाजिक कुरीतियों के निवारण हेतु जागरूकता अभियान।
• प्रशासनिक कौशल:- अभिलेख संधारण (Record Maintenance), क्षेत्रीय समन्वय और निगरानी तंत्र को मजबूत करना।
पारदर्शिता और निष्ठा का संकल्प
प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली पर्यवेक्षिकाओं ने इस सत्र को अत्यंत प्रेरणादायक बताया। प्रतिभागियों ने विश्वास दिलाया कि वे विभागीय लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए पूरी निष्ठा, पारदर्शिता और पारदर्शिता के साथ कार्य करेंगी।
कार्यक्रम का समापन बसंती ग्लाडिस बाड़ा द्वारा सभी नवनियुक्त कर्मियों के उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाओं के साथ किया गया।








