झारखंड/पाकुड़। पुलिस अधीक्षक अनुदीप सिंह (भा.पु.से.) की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सभागार में मासिक अपराध समीक्षा गोष्ठी आयोजित की गई। बैठक में पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय), अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (पाकुड़ एवं महेशपुर), सभी पुलिस निरीक्षक, थाना एवं ओपी प्रभारी तथा विभिन्न शाखाओं के प्रभारी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान पुलिस अधीक्षक ने जिले में विधि-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए। उन्होंने सभी थाना एवं ओपी प्रभारियों को पॉक्सो अधिनियम, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (आईटी एक्ट) तथा एनडीपीएस अधिनियम से संबंधित लंबित मामलों का निर्धारित समय सीमा के भीतर निष्पादन सुनिश्चित करने के साथ-साथ लंबित वारंट एवं कुर्की आदेशों के त्वरित निष्पादन का निर्देश दिया।
एसपी ने सभी लंबित आपराधिक मामलों की नियमित समीक्षा कर शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने पर बल दिया। साथ ही बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर नियंत्रण के लिए जिला परिवहन पदाधिकारी के साथ समन्वय स्थापित कर प्रतिदिन अलग-अलग स्थानों पर वाहन जांच अभियान चलाने, हेलमेट, सीट बेल्ट, पंजीकरण, बीमा सहित अन्य आवश्यक दस्तावेजों की जांच करने तथा नशे में वाहन चलाने वालों के विरुद्ध मोटर वाहन अधिनियम के तहत कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। सड़क दुर्घटना से संबंधित मामलों की ई-डीएआर (e-DAR) पोर्टल पर समयबद्ध प्रविष्टि सुनिश्चित करने को भी कहा गया।
बैठक में चोरी, लूट, डकैती एवं गृहभेदन जैसी घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण के लिए नियमित गश्ती एवं सघन जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा लंबित चरित्र सत्यापन, पासपोर्ट सत्यापन एवं परिवाद पत्रों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट निर्देश दिया कि थाना एवं ओपी में आने वाले शिकायतकर्ताओं के साथ शालीन व्यवहार किया जाए, उनकी शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए विधि सम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने सभी थाना प्रभारियों को प्रत्येक माह सड़क सुरक्षा, साइबर अपराध, मानव तस्करी, नशामुक्ति, महिला उत्पीड़न, डायन प्रथा, बाल विवाह एवं अन्य सामाजिक कुरीतियों के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए स्कूलों, महाविद्यालयों, हाट-बाजारों एवं अन्य सार्वजनिक स्थलों पर नियमित अभियान चलाने का निर्देश दिया।
बैठक में पिछले पाँच वर्षों के संपत्तिमूलक अपराधों में संलिप्त सक्रिय एवं दोषसिद्ध अपराधियों पर निगरानी रखने के उद्देश्य से उनका नाम सीसीए, निगरानी पंजी एवं गुंडा पंजी में दर्ज कराने के लिए आवश्यक प्रस्ताव भेजने के निर्देश भी दिए गए।
इसके अतिरिक्त नाबालिग बच्चों की गुमशुदगी से संबंधित मामलों की मिशन वात्सल्य पोर्टल पर प्रविष्टि सुनिश्चित करने के लिए सभी थाना प्रभारियों एवं पुलिस पदाधिकारियों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
बैठक के दौरान हाल ही में जिले में आयोजित रथ यात्रा को शांतिपूर्ण एवं सफलतापूर्वक संपन्न कराने में उत्कृष्ट योगदान देने वाले ड्यूटी पर तैनात सभी पुलिस पदाधिकारियों एवं कर्मियों को एक-एक प्रशस्ति (सुसेवांक) देकर सम्मानित किया गया।
मासिक अपराध समीक्षा बैठक के उपरांत पुलिस अधीक्षक ने पुलिस सभा का आयोजन कर पुलिस पदाधिकारियों एवं कर्मियों की समस्याएँ सुनीं तथा उनके त्वरित समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
Author: ZahidMansori
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