नई दिल्ली। नीट पेपर लीक मामले में दोषियों के विरुद्ध त्वरित सुनवाई सुनिश्चित करने के लिए गठित फास्ट-ट्रैक कोर्ट में सोमवार को प्रस्तावित पहली सुनवाई नहीं हो सकी। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की ओर से अधिवक्ता के उपस्थित नहीं होने के कारण अदालत ने मामले की सुनवाई स्थगित कर दी।
विशेष न्यायालय ने मामले की अगली सुनवाई 3 अगस्त के लिए निर्धारित करते हुए सीबीआई निदेशक को निर्देश दिया कि नीट पेपर लीक प्रकरण में अभियोजन पक्ष का प्रभावी ढंग से प्रतिनिधित्व करने के लिए एक लोक अभियोजक की शीघ्र नियुक्ति की जाए। अदालत ने स्पष्ट किया कि भविष्य में केवल अभियोजन पक्ष की अनुपस्थिति के कारण सुनवाई स्थगित नहीं होनी चाहिए।
गौरतलब है कि नीट पेपर लीक विवाद के बाद देशभर में उठे विरोध और निष्पक्ष न्याय की मांग को देखते हुए प्रधानमंत्री द्वारा फास्ट-ट्रैक कोर्ट गठित करने की घोषणा की गई थी। इसके बाद दिल्ली उच्च न्यायालय ने मामले के शीघ्र निस्तारण के लिए विशेष फास्ट-ट्रैक कोर्ट का गठन किया और सुनवाई के लिए एक विशेष न्यायाधीश की नियुक्ति की।
अब इस बहुचर्चित मामले की अगली सुनवाई 3 अगस्त को होगी, जिसमें अभियोजन पक्ष की ओर से नियुक्त लोक अभियोजक अदालत के समक्ष अपना पक्ष रखेंगे। मामले पर देशभर के विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षा जगत की निगाहें टिकी हुई हैं।
नोट: खबर में उपयोग फोटो AI द्वारा निर्मित है।
Author: ZahidMansori
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