उपायुक्त की अध्यक्षता में सामाजिक सुरक्षा एवं बाल संरक्षण इकाई की समीक्षा बैठक संपन्न।

झारखण्ड/पाकुड़:- उपायुक्त मेघा भारद्वाज की अध्यक्षता में आज समाहरणालय में सामाजिक सुरक्षा कोषांग और जिला बाल संरक्षण इकाई (DCPU) के कार्यों की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में सहायक निदेशक (सामाजिक सुरक्षा) सहित विभाग के अन्य पदाधिकारी एवं कर्मी मुख्य रूप से उपस्थित थे।
बाल संरक्षण कार्यों की पाक्षिक समीक्षा के निर्देश
बैठक के दौरान उपायुक्त ने जिला बाल संरक्षण इकाई के अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं और कर्मियों के कार्य-दायित्वों का अवलोकन किया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि बाल संरक्षण से जुड़े कार्यों में पारदर्शिता और गति लाने के लिए अब पाक्षिक स्तर (हर 15 दिन में) पर नियमित समीक्षा की जाएगी। उपायुक्त ने कर्मियों को उनके उत्तरदायित्वों के प्रति सचेत करते हुए जिम्मेदारीपूर्वक कार्य निष्पादन करने की हिदायत दी।
पेंशन योजनाओं की बिंदुवार समीक्षा
सामाजिक सुरक्षा के तहत संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं पर चर्चा करते हुए उपायुक्त ने निम्नलिखित बिंदुओं पर बल दिया:
सर्वजन पेंशन योजना: वृद्धा, दिव्यांग और विधवा पेंशन के पात्र लाभुकों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करना।
पारदर्शिता: राष्ट्रीय परिवार लाभ योजना (NFBS) और अन्य सुरक्षा योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के योग्य व्यक्तियों तक पहुँचाना।
मंईयां सम्मान योजना: 1950 अयोग्य लाभुकों पर गिरी गाज
बैठक में मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के तहत डेटा सत्यापन के दौरान एक गंभीर मामला सामने आया। अन्य राज्यों के CSC सेंटर यूजर आईडी से की गई प्रविष्टियों की जांच में भारी अनियमितता पाई गई।
• कुल 2016 लाभुकों की जांच की गई।
• जांचोपरांत 1950 लाभुक अयोग्य पाए गए, जबकि केवल 66 लाभुक ही पात्र मिले।
उपायुक्त ने कड़ी कार्रवाई करते हुए सभी अयोग्य लाभुकों के नाम तत्काल सूची से हटाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता केवल पात्र व्यक्तियों को लाभ पहुँचाना है और इस कार्य में किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
संवादाता पाकुड़

DCN News 24
Author: DCN News 24

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