झारखण्ड/पाकुड़ जिला प्रशासन और आम जनता के बीच संवाद को सुदृढ़ करने एवं समस्याओं के त्वरित निवारण हेतु समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में ‘जन समाधान दिवस’ का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उपायुक्त मेघा भारद्वाज ने जिले के विभिन्न प्रखंडों एवं पंचायतों से आए नागरिकों की समस्याओं को अत्यंत गंभीरतापूर्वक सुना।
प्रमुख शिकायतें एवं आवेदन
जन समाधान दिवस के दौरान व्यक्तिगत एवं सार्वजनिक हित से जुड़े विभिन्न मामले सामने आए, जिनमें मुख्य रूप से निम्नलिखित शामिल थे:
- आवास एवं रोजगार: प्रधानमंत्री एवं अबुआ आवास योजना से संबंधित विसंगतियां तथा रोजगार उपलब्ध कराने हेतु आवेदन।
- विकास कार्य: धुमकुड़िया भवन के निर्माण कार्य को पुनः प्रारंभ करने की मांग।
- सामाजिक सुरक्षा: आंगनबाड़ी सहायिका की नियुक्ति एवं लापता व्यक्तियों की खोज हेतु आवश्यक पत्राचार।
- पर्यावरण एवं बुनियादी ढांचा: ग्राम पोखरिया में कोयला परिवहन से होने वाले प्रदूषण, क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत, जनसुरक्षा तथा यातायात नियमों के उल्लंघन से जुड़ी शिकायतें।
उपायुक्त के कड़े निर्देश
उपायुक्त ने प्राप्त सभी आवेदनों को संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को अग्रसारित करते हुए पारदर्शी, निष्पक्ष एवं समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि:
”आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि आवेदनों का निष्पादन निर्धारित समय सीमा के भीतर और गुणवत्तापूर्ण तरीके से हो, ताकि नागरिकों को कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें।”
प्रशासनिक प्रतिबद्धता
भारद्वाज ने कहा कि ‘जन समाधान दिवस’ जनता और प्रशासन के मध्य विश्वास के सेतु का कार्य करता है। उन्होंने पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि सरकारी योजनाओं और सेवाओं का वास्तविक लाभ पात्र व्यक्तियों तक समय पर पहुँचना चाहिए।








