विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 को सफल बनाने हेतु राजनीतिक दलों के साथ समन्वय बैठक आयोजित

झारखंड/पाकुड़: भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार संचालित विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)-2026 के सफल, पारदर्शी एवं प्रभावी संचालन को लेकर सोमवार को उप विकास आयुक्त अरविन्द कुमार लाल की अध्यक्षता में विभिन्न मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई तथा सभी राजनीतिक दलों से सक्रिय सहयोग की अपील की गई।

बैठक को संबोधित करते हुए उप विकास आयुक्त ने कहा कि सभी पात्र मतदाता निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपना गणना प्रपत्र (Enumeration Form) अवश्य भरें, ताकि प्रारूप मतदाता सूची-2026 में उनका नाम दर्ज हो सके तथा मतदाता सूची में उनका नाम सुरक्षित बना रहे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि कोई मतदाता स्वयं हस्ताक्षर करने में सक्षम नहीं है, तो उनके परिवार का कोई सदस्य उनकी ओर से गणना प्रपत्र पर हस्ताक्षर कर सकता है।

उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित पूरी प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष एवं नियमसम्मत है। आम नागरिकों तथा राजनीतिक दलों को संविधान एवं निर्वाचन प्रक्रिया पर विश्वास बनाए रखना चाहिए। साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम मतदाता सूची से वंचित नहीं किया जाएगा।

उप विकास आयुक्त ने सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से अपने कार्यकर्ताओं एवं समर्थकों के माध्यम से मतदाताओं को विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 के प्रति जागरूक करने तथा अधिक से अधिक लोगों से गणना प्रपत्र भरवाने में सहयोग करने का आह्वान किया, ताकि मतदाता सूची अधिक शुद्ध, अद्यतन एवं त्रुटिरहित बनाई जा सके।
बैठक के दौरान दस्तावेजों के संबंध में भी महत्वपूर्ण जानकारी साझा की गई। बताया गया कि यदि किसी मतदाता का नाम पूर्व विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की मतदाता सूची में पहले से दर्ज है, तो उसे किसी अतिरिक्त दस्तावेज की आवश्यकता नहीं होगी। साथ ही पूर्व एसआईआर की मतदाता सूची में दर्ज विवरण उनके पुत्र-पुत्रियों के लिए अभिभावक प्रमाण के रूप में भी मान्य होगा।

वहीं, जिन मतदाताओं अथवा उनके माता-पिता का नाम पूर्व एसआईआर की मतदाता सूची में दर्ज नहीं है, उन्हें निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित 11 वैकल्पिक दस्तावेजों में से किसी एक की स्व-अभिप्रमाणित प्रति गणना प्रपत्र के साथ जमा करनी होगी। बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि केवल आधार कार्ड की प्रति पर्याप्त नहीं होगी। आधार के साथ आयोग द्वारा निर्धारित दस्तावेजों में से किसी एक की स्व-अभिप्रमाणित प्रति संलग्न करना अनिवार्य होगा।
बैठक में पाकुड़ विधानसभा क्षेत्र एवं महेशपुर विधानसभा क्षेत्र के निर्वाची पदाधिकारी, उप निर्वाचन पदाधिकारी तथा विभिन्न मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

ZahidMansori
Author: ZahidMansori

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