असम/गुवाहाटी। नीट परीक्षा में कथित पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं के विरोध में आयोजित प्रदर्शन में असम सरकार के मंत्री केशव महंता की बेटी दिबिसा महंता के शामिल होने के वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने अपने कैबिनेट सहयोगी का बचाव किया है। उन्होंने कहा कि किसी भी मंत्री को उसके वयस्क बच्चों के विचारों या गतिविधियों के आधार पर निशाना बनाना उचित नहीं है।
मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि यह संभव है कि दिबिसा अपने पिता की राजनीतिक विचारधारा से सहमत न हों। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि भविष्य में उनका बेटा भी वकालत के दौरान ऐसे व्यक्ति का पक्ष रख सकता है, जिससे वह स्वयं सहमत न हों। ऐसे में बच्चों के निर्णयों को उनके माता-पिता से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।
सरमा ने यह भी स्पष्ट किया कि वह प्रदर्शन के दौरान लगाए गए नारों से सहमत नहीं हैं। उन्होंने कहा कि जब भी उनकी मुलाकात दिबिसा महंता से होगी, वह इस विषय पर उनसे चर्चा करेंगे और उन्हें समझाने का प्रयास करेंगे कि इस प्रकार के नारे उचित नहीं थे।
उल्लेखनीय है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर गुरुवार को हुए विरोध प्रदर्शन में दिबिसा महंता के शामिल होने के वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से साझा किए गए। हालांकि, इन वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
Author: ZahidMansori
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