झारखंड/पाकुड़। पाकुड़ समाहरणालय स्थित सभागार में उपायुक्त मेघा भारद्वाज की अध्यक्षता में जिला स्टीयरिंग सह अनुश्रवण समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के सफल संचालन, विद्यालयों में बच्चों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा उनके सीखने के स्तर में सुधार को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई।
उपायुक्त ने विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने के लिए समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित करने तथा अभिभावकों को भी जिम्मेदारी देने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जिन विद्यालयों में विद्यार्थियों की उपस्थिति अत्यंत कम है, वहां विशेष दल गठित कर स्थिति में सुधार के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाए।
उन्होंने प्राथमिक कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए मॉडल आधारित शिक्षण पद्धति विकसित कर उसे परियोजना प्रभाव के रूप में लागू करने का निर्देश दिया। हिंदी, अंग्रेजी एवं गणित जैसे विषयों को सरल एवं प्रभावी तरीके से पढ़ाने के लिए शिक्षण मॉडल तैयार करने तथा सफल मॉडल को अन्य विद्यालयों में भी लागू करने पर जोर दिया गया।
उपायुक्त ने कहा कि बच्चों में सीखने की क्षमता के साथ उनकी प्रतिभा एवं रचनात्मकता का विकास भी आवश्यक है। इसके लिए नृत्य, प्रश्नोत्तरी, हस्तलेखन एवं भाषण प्रतियोगिताओं जैसी गतिविधियां विद्यालयों में आयोजित की जाएं। साथ ही, बाल संरक्षण से संबंधित जागरूकता कार्यक्रम संचालित करने का भी निर्देश दिया गया।
विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं की समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने कहा कि जिन विद्यालयों में अतिरिक्त कक्षा-कक्ष की आवश्यकता है, उन्हें चिह्नित कर नए कक्षा-कक्ष का निर्माण कराया जाए।
उपायुक्त ने सभी शिक्षकों को प्रतिदिन ई-विद्या वाहिनी एप पर अपनी उपस्थिति दर्ज करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो शिक्षक एप पर अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं करेंगे, उनकी उपस्थिति अनुपस्थित के रूप में दर्ज की जाएगी।
कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए परामर्श सत्र आयोजित करने का निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को भविष्य, करियर एवं उच्च शिक्षा को लेकर उचित मार्गदर्शन दिया जाना आवश्यक है। उन्होंने विद्यालय स्तर पर नियमित एवं प्रभावी शैक्षणिक गतिविधियों के माध्यम से बच्चों के सीखने के स्तर में सुधार करने पर जोर दिया।
बैठक में परियोजना रेल को सक्रिय करने तथा पीएम पोषण योजना के तहत कार्यरत रसोइयों को मानदेय का समय पर भुगतान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। साथ ही, 65 रसोइयों के लंबित आयुष्मान कार्ड की प्रक्रिया एक सप्ताह के भीतर पूरी कराने का निर्देश संबंधित पदाधिकारियों को दिया गया।
उपायुक्त ने सिविल सर्जन को विद्यालयों में एएनसी (प्रसवपूर्व जांच) से संबंधित स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने का निर्देश दिया, ताकि विद्यालय एवं समुदाय स्तर पर आवश्यक स्वास्थ्य जांच और जागरूकता सुनिश्चित की जा सके।
बैठक में उप विकास आयुक्त, सिविल सर्जन, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला शिक्षा अधीक्षक, एडीपीओ, बीईईओ, बीपीओ, बीआरपी एवं सीआरपी सहित संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।








