झारखंड/साहिबगंज। जिले के कोटालपोखर स्थित +2 उच्च विद्यालय, कोटालपोखर में मूलभूत सुविधाओं के अभाव के कारण छात्र-छात्राओं को अत्यंत कठिन परिस्थितियों में परीक्षा देनी पड़ रही है। विद्यालय में बेंच-डेस्क तथा अतिरिक्त कक्षों की कमी के चलते अनेक विद्यार्थियों को जमीन पर बैठकर परीक्षा देने के लिए विवश होना पड़ा। इस स्थिति से विद्यार्थियों में निराशा और असंतोष का माहौल है।
विद्यार्थियों का कहना है कि जमीन पर बैठकर परीक्षा देने से उन्हें लिखने-पढ़ने में भारी असुविधा होती है, जिससे उनके प्रदर्शन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। छात्राओं ने सरकार और शिक्षा विभाग से शीघ्र हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि यदि उनकी समस्याओं का समय रहते समाधान नहीं किया गया, तो उनके भविष्य पर गंभीर असर पड़ सकता है।
विद्यालय की एक अन्य गंभीर समस्या बिजली व्यवस्था से भी जुड़ी हुई है। कक्षाओं में पर्याप्त प्रकाश की व्यवस्था नहीं होने के कारण विद्यार्थियों को अंधेरे जैसे वातावरण में परीक्षा देनी पड़ रही है। कई कक्षों में केवल सीसीटीवी कैमरों के साथ लगी सफेद एलईडी लाइट के सहारे परीक्षा संचालित हो रही है, जिससे पढ़ने और उत्तर लिखने में कठिनाई हो रही है।
विद्यालय प्रबंधक दिनेश कुमार ने इस स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए बताया कि विद्यालय में बेंच-डेस्क, अतिरिक्त कक्ष तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं की कमी के संबंध में संबंधित अधिकारियों को पूर्व में कई बार अवगत कराया जा चुका है। इसके बावजूद अब तक कोई ठोस समाधान नहीं हो पाया है, जिसके कारण विद्यार्थियों को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने भी शिक्षा विभाग से मांग की है कि विद्यालय में शीघ्र आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि विद्यार्थियों को सम्मानजनक वातावरण में परीक्षा देने और अध्ययन करने का अवसर मिल सके। वर्तमान स्थिति ने सरकारी विद्यालयों की आधारभूत शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं।
Author: ZahidMansori
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