पूर्व मंत्री ने अधिकारियों के साथ सड़क का किया निरीक्षण, डीपीआर तैयार कर शीघ्र भेजने का दिया निर्देश
झारखंड/पाकुड़। साहिबगंज और पाकुड़ जिले की जीवनरेखा माने जाने वाली पाकुड़-बरहरवा एनएच-133ए की जर्जर स्थिति में जल्द सुधार होने की उम्मीद है। सड़क की मरम्मत और संकीर्ण स्थानों पर गार्डवाल निर्माण को लेकर झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री आलमगीर आलम ने बुधवार को विभागीय पदाधिकारियों के साथ एनएच-133ए के विभिन्न हिस्सों का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान पूर्व मंत्री ने कहा कि पाकुड़-बरहरवा मुख्य सड़क कई स्थानों पर जर्जर हो चुकी है। सड़क पर जगह-जगह जलजमाव की समस्या उत्पन्न होने के कारण राहगीरों और वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसे में सड़क की मरम्मत अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने बताया कि केंचुआ पुल से भीमपाड़ा तथा श्रीकुंड से पलाशबोना तक कई स्थानों पर सड़क काफी संकरी है। इन स्थानों पर गार्डवाल निर्माण की पहल की जाएगी, ताकि सड़क की चौड़ाई को व्यवस्थित किया जा सके और दोनों दिशाओं से वाहनों का आवागमन सुचारु रूप से हो सके। इससे जाम की समस्या से भी लोगों को राहत मिलेगी।
आलमगीर आलम ने कहा कि सड़क की मरम्मत होने के बाद पलाशबोना, कोटालपोखर, श्रीकुंड और बरहरवा के विभिन्न हिस्सों में लोगों को जर्जर सड़क से निजात मिलेगी। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को यथाशीघ्र डीपीआर तैयार कर भेजने का निर्देश दिया।
उन्होंने बताया कि उक्त सड़क का पूर्व में किया गया रखरखाव कार्य अब समाप्त हो चुका है। इस कारण पुराने संवेदक के माध्यम से सड़क की मरम्मत कराना संभव नहीं है। अब नए सिरे से मरम्मत कार्य कराने के लिए विभागीय स्तर पर आवश्यक प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया गया है।
पूर्व मंत्री ने कहा कि झारखंड में गठबंधन सरकार राज्य की जर्जर सड़कों को दुरुस्त करने के साथ-साथ दुर्गम क्षेत्रों में भी बेहतर सड़क संपर्क उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि पाकुड़ विधानसभा क्षेत्र की प्रत्येक सड़क पर उनकी नजर है। क्षेत्र में जो भी सड़क जर्जर है, उसकी मरम्मत कराई जाएगी।
निरीक्षण के दौरान एनएच विभाग के सहायक अभियंता राकेश भगत, कनीय अभियंता देव सोरेन एवं विक्टर बेसरा सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।








