नई दिल्ली। लाल किला क्षेत्र में वर्ष 2025 में हुए कथित कार बम विस्फोट मामले की जांच कर रही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने सोमवार को विस्फोट में मारे गए 11 लोगों की फोरेंसिक रिपोर्ट विशेष अदालत में प्रस्तुत की। पटियाला हाउस स्थित विशेष एनआईए न्यायाधीश की अदालत ने रिपोर्ट को रिकॉर्ड पर लेते हुए कहा कि उसके परीक्षण के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया पर आदेश पारित किए जाएंगे।
सुनवाई के दौरान अदालत ने मामले में गिरफ्तार सभी नौ आरोपितों की न्यायिक हिरासत 13 जुलाई तक बढ़ा दी। इससे पहले 14 मई को एनआईए इस मामले में लगभग 7,500 पृष्ठों का विस्तृत आरोपपत्र दाखिल कर चुकी है।
जांच एजेंसी के अनुसार, यह मामला 10 नवंबर, 2025 को लाल किला क्षेत्र में हुए उच्च तीव्रता वाले वाहन आधारित आईईडी (कार बम) विस्फोट से संबंधित है।
पिछले माह एनआईए ने इस मामले में एक पूरक आरोपपत्र भी दाखिल किया, जिसमें फरार बाल रोग विशेषज्ञ सहित तीन अन्य लोगों को आरोपित बनाया गया। एजेंसी का दावा है कि उक्त चिकित्सक कथित आतंकी मॉड्यूल का संस्थापक सदस्य था और विस्फोट की साजिश में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका थी।
पूरक आरोपपत्र दाखिल होने के बाद इस मामले में कुल आरोपितों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है। इनमें मुख्य आरोपित डॉ. उमर उन नबी का नाम भी शामिल है, जिसकी विस्फोटकों से भरी कार में हुए धमाके में मृत्यु हो गई थी।
Author: ZahidMansori
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