नई दिल्ली। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा चाय की दुकानों पर जाति के आधार पर अलग-अलग कप में चाय दिए जाने के दावे को लेकर देश की सियासत गरमा गई है। कांग्रेस के इस आरोप पर भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने पलटवार करते हुए नई दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित एक चाय की दुकान पर पहुंचकर ‘ग्राउंड जीरो’ पर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सामाजिक माध्यम एक्स और इंस्टाग्राम पर साझा किया है।
वीडियो में प्रदीप भंडारी चाय दुकानदार मोनू गौतम से बातचीत करते नजर आ रहे हैं। दुकानदार के अनुसार, वह अनुसूचित जाति समुदाय से आते हैं। भंडारी ने उनसे सीधे पूछा कि क्या दुकान पर ग्राहकों को जाति देखकर अलग-अलग कप दिए जाते हैं। इस पर मोनू ने स्पष्ट रूप से इससे इनकार करते हुए कहा कि ऐसा बिल्कुल नहीं होता।
राहुल गांधी ने लगाया था जातिगत भेदभाव का आरोप
दरअसल, राहुल गांधी ने हाल ही में एक बयान में दावा किया था कि देश की चाय की दुकानों पर जाति के आधार पर भेदभाव किया जाता है। उनके अनुसार, दलितों को चाय पीने के लिए अलग प्लास्टिक या डिस्पोजेबल कप दिए जाते हैं, जबकि अन्य लोगों को कांच के गिलास में चाय परोसी जाती है। राहुल गांधी के इस बयान के बाद सामाजिक माध्यमों और राजनीतिक गलियारों में इस मुद्दे को लेकर बहस तेज हो गई।
चाय दुकानदार से भंडारी ने पूछे सवाल
राहुल गांधी के दावे की पड़ताल के लिए कनॉट प्लेस पहुंचे प्रदीप भंडारी ने दुकानदार से कई सवाल किए। उन्होंने पूछा कि क्या ग्राहक की जाति देखकर उसे कप दिया जाता है। दुकानदार ने स्पष्ट रूप से कहा कि ऐसा नहीं किया जाता।
भंडारी ने चाय की कीमत के बारे में भी जानकारी ली। दुकानदार ने बताया कि यहां चाय की कीमत 20, 25, 30 और 40 रुपये तक है। जब उनसे पूछा गया कि क्या अलग-अलग समुदायों के लोग यहां चाय पीते हैं, तो उन्होंने जवाब दिया कि सभी लोग चाय पीते हैं।
कप अलग होने की वजह पर क्या सामने आया?
भाजपा प्रवक्ता द्वारा साझा किए गए वीडियो में दुकान पर अलग-अलग प्रकार के कप और डिस्पोजेबल गिलास दिखाई देते हैं। बातचीत के दौरान दुकानदार ने बताया कि कपों में अंतर का संबंध जाति से नहीं है। ग्राहकों की पसंद, सुविधा, चाय की कीमत और इस्तेमाल के आधार पर अलग-अलग प्रकार के कपों का उपयोग किया जाता है।
भंडारी ने वीडियो के माध्यम से राहुल गांधी के दावे पर सवाल उठाते हुए उन पर लोगों को भ्रमित करने का आरोप लगाया। उन्होंने वीडियो में राहुल गांधी पर तंज कसते हुए ‘एलओपी- लीडर ऑफ प्रोपगेंडा’ लिखा।
भाजपा प्रवक्ता ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें चाय की टपरी पर जाकर वास्तविक स्थिति देखनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने कभी चाय की टपरी पर चाय नहीं पी है, इसलिए उन्हें वहां इस्तेमाल होने वाले अलग-अलग कपों की वास्तविक वजह की जानकारी नहीं है।
इस पूरे मामले के बाद राहुल गांधी के बयान और भाजपा के पलटवार को लेकर राजनीतिक बहस और तेज हो गई है।








