पाकुड़ में उद्यमी जागरूकता एवं विशेष विक्रेता विकास कार्यक्रम आयोजित, एमएसएमई योजनाओं की दी गई विस्तृत जानकारी

झारखंड/पाकुड़। भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (एमएसएमई) द्वारा पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (पीएचडीसीसीआई) के सहयोग से सोमवार को रवींद्र भवन (टाउन हॉल), पाकुड़ में “उद्यमी जागरूकता एवं विशेष विक्रेता विकास कार्यक्रम” का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य जिले के नए एवं वर्तमान उद्यमियों को एमएसएमई मंत्रालय की विभिन्न योजनाओं, स्वरोजगार के अवसरों तथा सरकारी खरीद प्रणाली से जोड़ते हुए उद्यमिता को बढ़ावा देना था।

कार्यक्रम में जिले के 100 से अधिक नए एवं वर्तमान उद्यमियों ने भाग लिया। इस दौरान प्रतिभागियों को राष्ट्रीय एससी-एसटी हब योजना, उद्यम पोर्टल पंजीकरण, सरकारी ई-मार्केटप्लेस (जीईएम), विक्रेता पंजीकरण प्रक्रिया, ई-टेंडरिंग, बैंक ऋण एवं ऋण सुविधाओं, सब्सिडी योजनाओं तथा व्यवसाय विस्तार और स्थायित्व से जुड़े विभिन्न विषयों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।

विशेषज्ञों ने बताया कि सार्वजनिक खरीद नीति के अंतर्गत अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के स्वामित्व वाले सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों से 4 प्रतिशत तथा महिला स्वामित्व वाले सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों से 3 प्रतिशत खरीद का प्रावधान है। इस नीति का उद्देश्य वंचित वर्गों के उद्यमियों को सरकारी खरीद प्रणाली में अधिक अवसर उपलब्ध कराकर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।

कार्यक्रम में नए उद्यमियों को उद्यम पोर्टल पर पंजीकरण के महत्व से अवगत कराया गया। बताया गया कि औपचारिक पंजीकरण के माध्यम से उद्यमी केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं, वित्तीय सहायता, प्रशिक्षण, विपणन सहयोग तथा अन्य प्रोत्साहन सुविधाओं का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। वहीं वर्तमान उद्यमियों को केंद्रीय मंत्रालयों एवं केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों में विक्रेता पंजीकरण, आवश्यक दस्तावेज, ई-टेंडरिंग प्रक्रिया, सरकारी खरीद प्रणाली, बैंकिंग सहायता तथा व्यवसाय विस्तार के लिए उपलब्ध वित्तीय विकल्पों की जानकारी दी गई।

कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रीय एससी-एसटी हब, रांची की राज्य व्यवसाय प्रबंधक किरण मारिया तिरु के स्वागत संबोधन से हुआ। उन्होंने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए एमएसएमई मंत्रालय की विभिन्न पहलों की जानकारी दी तथा सार्वजनिक खरीद नीति के अंतर्गत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं महिला उद्यमियों के लिए उपलब्ध अवसरों पर विस्तार से प्रकाश डाला।

तकनीकी सत्र में एमएसएमई विकास एवं सुविधा कार्यालय, धनबाद, राष्ट्रीय एससी-एसटी हब, सरकारी ई-मार्केटप्लेस (जीईएम), जिला उद्योग केंद्र, सीएमपीडीआई, गेल इंडिया लिमिटेड, विभिन्न राष्ट्रीयकृत बैंक, भारतीय चार्टर्ड अकाउंटेंट संस्थान (आईसीएआई), झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (जेएसएलपीएस) तथा आरसेटीआई सहित विभिन्न संस्थानों के विशेषज्ञों ने उद्यमियों को वित्तीय सहायता, विक्रेता पंजीकरण, सरकारी खरीद प्रक्रिया, डिजिटल प्लेटफॉर्म, उद्यमिता विकास एवं व्यवसाय विस्तार से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान कीं।

इस अवसर पर एमएसएमई विकास एवं सुविधा कार्यालय, धनबाद के सुजीत कुमार, एस.के. चौधरी, शुभम कुमार एवं विवेकानंद सिंह (राष्ट्रीय एससी-एसटी हब, रांची), मंतोष सिंह एवं राहुल लाल (पीएचडीसीसीआई), जीईएम प्रशिक्षक सुबोध कांत, आईटीडीए के परियोजना निदेशक अरुण कुमार एक्का तथा जिला उद्योग केंद्र, पाकुड़ के महाप्रबंधक आर.के. चतुर्वेदी सहित विभिन्न विभागों, वित्तीय संस्थानों एवं केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर उद्यमियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया।

कार्यक्रम ने जिले के उद्यमियों, केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों, वित्तीय संस्थानों तथा एमएसएमई सहायता एजेंसियों के बीच संवाद एवं समन्वय का प्रभावी मंच उपलब्ध कराया। विशेषज्ञों ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम उद्यमियों को सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने, वित्तीय संसाधनों तक पहुंच बनाने, बाजार से जुड़ने तथा आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

ZahidMansori
Author: ZahidMansori

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