बैंकों की लापरवाही पर जिलाधिकारी सख्त, उद्योग योजनाओं की समीक्षा में जताई नाराजगी

बिहार/सीतामढ़ी। जिलाधिकारी रिची पांडेय की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित विमर्श सभा कक्ष में उद्योग विभाग की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा हेतु सभी बैंकों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम उन्नयन (पीएमएफएमई), प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना तथा अन्य स्वरोजगार एवं उद्यमिता योजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान बंधन बैंक, एक्सिस बैंक लिमिटेड, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, आईसीआईसीआई बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया तथा एचडीएफसी बैंक के प्रतिनिधियों की अनुपस्थिति पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित बैंकों से स्पष्टीकरण प्राप्त करने के निर्देश देते हुए कहा कि सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता जिले में अधिकाधिक उद्योगों की स्थापना, स्वरोजगार के अवसरों का सृजन तथा स्थानीय उद्यमियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। इन उद्देश्यों की प्राप्ति में बैंकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि पात्र आवेदकों को समय पर ऋण स्वीकृत नहीं होगा तो योजनाओं का उद्देश्य प्रभावित होगा।
उन्होंने अग्रणी जिला प्रबंधक (एलडीएम) को निर्देश दिया कि सभी बैंकों के साथ नियमित समन्वय स्थापित कर उनकी प्रगति की सतत निगरानी सुनिश्चित करें। जिन बैंकों का प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर है, उनके साथ विशेष बैठक आयोजित कर लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन कराया जाए।

पीएमएफएमई योजना की समीक्षा में बताया गया कि जिले को 356 परियोजनाओं का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। इसके विरुद्ध 134 आवेदन विभिन्न बैंकों को भेजे गए हैं। अब तक 18 परियोजनाओं को स्वीकृति मिली है तथा 23 लाभुकों को मार्जिन मनी का वितरण किया जा चुका है, जबकि 114 आवेदन अभी भी विभिन्न बैंकों में लंबित हैं।
प्रदर्शन की समीक्षा में इंडियन ओवरसीज बैंक ने 66.67 प्रतिशत स्वीकृति दर के साथ सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। एचडीएफसी बैंक ने 33.33 प्रतिशत तथा सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने 10.87 प्रतिशत स्वीकृति दर दर्ज की। वहीं भारतीय स्टेट बैंक, बैंक ऑफ इंडिया तथा एक्सिस बैंक का प्रदर्शन असंतोषजनक पाया गया। अग्रसारित आवेदनों के बावजूद इन बैंकों द्वारा एक भी परियोजना स्वीकृत नहीं किए जाने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए लंबित मामलों का अविलंब निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

जिलाधिकारी ने कहा कि बैंक केवल वित्तीय संस्थान नहीं, बल्कि जिले के औद्योगिक विकास के महत्वपूर्ण भागीदार हैं। उद्योगों की स्थापना, रोजगार सृजन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देने में उनकी सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने सभी बैंकों को पात्र आवेदनों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने तथा अनावश्यक विलंब से बचने के निर्देश दिए। साथ ही चेतावनी दी कि भविष्य की समीक्षा बैठकों में खराब प्रदर्शन करने वाले बैंकों की जवाबदेही तय की जाएगी।
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना की समीक्षा के दौरान बताया गया कि योजना के अंतर्गत 4,918 आवेदन बैंकों को भेजे गए हैं। इनमें से 1,314 आवेदन स्वीकृत किए जा चुके हैं तथा 1,141 लाभुकों को ऋण का वितरण किया गया है। जिलाधिकारी ने इस योजना के लंबित मामलों का भी शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में बैंकिंग उप समाहर्ता आशुतोष श्रीवास्तव, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी कमल सिंह, उद्योग महाप्रबंधक प्रिया भारती, अग्रणी जिला प्रबंधक अनिल कुमार सिंह तथा विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

ZahidMansori
Author: ZahidMansori

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