नई दिल्ली। दिल्ली के जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर बुधवार को दिल्ली उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका (पीआईएल) दायर की गई। याचिका में न्यायालय से तत्काल हस्तक्षेप कर वांगचुक को आवश्यक चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराने की मांग की गई है।
यह जनहित याचिका सामाजिक कार्यकर्ता एवं अधिवक्ता राकेश सैनी द्वारा दायर की गई है। याचिका में केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार को निर्देश देने का आग्रह किया गया है कि सोनम वांगचुक को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया जाए तथा उनकी जान बचाने के लिए आवश्यक होने पर चिकित्सकीय निगरानी में उन्हें पोषण उपलब्ध कराया जाए।
याचिका में कहा गया है कि लगातार भूख हड़ताल के कारण सोनम वांगचुक का स्वास्थ्य तेजी से गिर रहा है। उनका वजन लगभग 8.5 किलोग्राम कम हो चुका है और यदि उनका अनशन जारी रहता है तो उनके जीवन पर गंभीर संकट उत्पन्न हो सकता है।
याचिकाकर्ता ने न्यायालय से अनुरोध किया है कि वांगचुक के जीवन की रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक चिकित्सा एवं सुरक्षा संबंधी सभी कदम तत्काल उठाने के निर्देश दिए जाएँ। मामले पर दिल्ली उच्च न्यायालय में सुनवाई की प्रतीक्षा है।








