नई दिल्ली। बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान और उनकी पत्नी गौरी खान को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी कानूनी राहत मिली है। सर्वोच्च न्यायालय ने मुंबई स्थित उनके प्रतिष्ठित आवास ‘मन्नत’ में दो अतिरिक्त मंजिलें जोड़ने की अनुमति को बरकरार रखते हुए इस संबंध में दायर याचिका खारिज कर दी।
मंगलवार को भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्य कांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची तथा न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए ‘कोस्टल रेगुलेशन जोन’ (सीआरजेड) के तहत दी गई मंजूरी को वैध माना। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि संबंधित अधिकारियों ने निर्माण कार्य की अनुमति देते समय सभी कानूनी प्रावधानों का विधिवत पालन किया है।
सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के निर्णय में हस्तक्षेप करने से भी इनकार कर दिया। न्यायालय ने कहा कि मामले में किसी प्रकार की कानूनी त्रुटि या अनियमितता नहीं पाई गई है, इसलिए याचिका स्वीकार करने का कोई औचित्य नहीं बनता।
इस फैसले के बाद शाहरुख खान के प्रतिष्ठित बंगले ‘मन्नत’ के विस्तार का मार्ग पूरी तरह प्रशस्त हो गया है और अब वह नियमानुसार उसमें दो अतिरिक्त मंजिलों का निर्माण करा सकेंगे।








