पंजाब/चंडीगढ़। पंजाब सरकार की मुख्यमंत्री सेहत योजना गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है। राज्य स्वास्थ्य एजेंसी (एसएचए), पंजाब द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, 18 जुलाई 2026 तक इस योजना के तहत 8,069 कैंसर मरीजों को कैशलेस उपचार उपलब्ध कराया गया, जिस पर राज्य सरकार ने 20.22 करोड़ रुपये व्यय किए हैं।
आंकड़ों के अनुसार, योजना का सर्वाधिक लाभ 36 से 60 वर्ष आयु वर्ग के मरीजों को मिला है, जो कुल लाभार्थियों के आधे से अधिक हैं। वहीं, जून 2026 में सबसे अधिक कैंसर मरीजों का उपचार किया गया।
सरकार का कहना है कि इस योजना ने हजारों परिवारों को आर्थिक राहत प्रदान की है। कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के उपचार में होने वाला खर्च अक्सर परिवारों के लिए बड़ी चुनौती बन जाता है। ऐसे समय में कैशलेस उपचार की सुविधा मरीजों को समय पर इलाज उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
विशेषज्ञों के अनुसार, आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों जैसे सर्जरी, कीमोथेरेपी, रेडियोथेरेपी, इम्यूनोथेरेपी और टार्गेटेड थेरेपी के कारण कैंसर के सफल उपचार की संभावनाएं पहले की तुलना में काफी बढ़ी हैं। हालांकि, इन उपचारों का पूरा लाभ तभी मिल सकता है, जब मरीज समय पर चिकित्सकीय सुविधा तक पहुंच सके।
मुख्यमंत्री सेहत योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद मरीजों को गुणवत्तापूर्ण एवं निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है, ताकि गंभीर बीमारियों के इलाज में धन की कमी किसी भी मरीज के लिए बाधा न बने।








