तमिलनाडु। तमिलनाडु सरकार ने सरकारी शराब बिक्री केंद्रों (TASMAC) में कार्यरत कर्मचारियों के वेतन में 25 प्रतिशत की वृद्धि करने की घोषणा की है। सरकार का कहना है कि इस निर्णय का उद्देश्य भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाना तथा ग्राहकों से अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) से अधिक राशि वसूलने की प्रवृत्ति को समाप्त करना है।
राज्य के निषेध एवं आबकारी मंत्री विग्नेश ने कहा कि सरकार शराब की बोतलों पर एमआरपी से अधिक कीमत वसूलने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करेगी। यदि कोई कर्मचारी निर्धारित मूल्य से अधिक राशि लेते हुए पाया जाता है, तो उसे तत्काल निलंबित किया जाएगा।
मंत्री ने यह भी घोषणा की कि यदि किसी बार में 21 वर्ष से कम आयु के युवाओं को प्रवेश दिया गया, तो संबंधित बार का लाइसेंस निरस्त कर दिया जाएगा।
उन्होंने कहा, “मेरे लिए मेरे कर्मचारी और उनका कल्याण महत्वपूर्ण है, लेकिन जनता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। किसी भी ग्राहक को निर्धारित मूल्य से अधिक भुगतान करने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता।” उन्होंने स्पष्ट किया कि कर्मचारियों के वेतन में वृद्धि का शराब की कीमतों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा और उपभोक्ताओं को अतिरिक्त बोझ नहीं उठाना होगा।
इस बीच, सत्तारूढ़ दल ने आरोप लगाया है कि पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में एमआरपी से अधिक वसूली गई राशि का उपयोग कथित रूप से “पार्टी फंड” के रूप में किया जाता था तथा ग्राहकों से अवैध रूप से अतिरिक्त धन लिया जाता था। हालांकि, विपक्षी दल ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए खारिज कर दिया है।








