झारखंड/पाकुड़। पाकुड़ समाहरणालय सभागार में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक राजमहल सांसद विजय कुमार हांसदा की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर उपस्थित अतिथियों का पारंपरिक रूप से शाल ओढ़ाकर तथा पौधा भेंट कर स्वागत किया गया।
बैठक में केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी और विकास योजनाओं की प्रगति, लंबित परियोजनाओं, आधारभूत सुविधाओं की स्थिति तथा आमजन से जुड़ी समस्याओं के समाधान को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई। सांसद विजय कुमार हांसदा ने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक समय पर पहुंचे, यह सभी विभागों की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने पिछली बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा करते हुए लंबित कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया।
मनरेगा एवं जल संरक्षण कार्यों की समीक्षा
उप विकास आयुक्त अरविन्द कुमार लाल ने बताया कि मनरेगा के तहत पिछले दो वर्षों में जिले में 769 डोभा, 501 ट्रेंच कम बंड (टीसीबी) तथा 734 कुओं का निर्माण कराया गया है। वर्तमान में वीपी ग्राम जी के तहत ग्राम सभा एवं पंचायत स्तर पर जल संरक्षण से संबंधित योजनाओं का चयन एवं क्रियान्वयन किया जा रहा है।
सड़कों की मरम्मत एवं आधारभूत संरचना पर जोर
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की समीक्षा के दौरान सांसद ने क्षतिग्रस्त सड़कों की शीघ्र मरम्मत कराने का निर्देश दिया। उन्होंने स्वीकृत एवं लंबित सड़कों की सूची जनप्रतिनिधियों के साथ साझा करने तथा निर्माण कार्यों में आने वाली बाधाओं की जानकारी उपलब्ध कराने को कहा।
धरमपुर से पाकुड़ तक निर्माणाधीन सड़क के कार्य में तेजी लाने के साथ जिले की सभी जर्जर सड़कों की मरम्मत सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
आवास योजनाओं में तेजी लाने का निर्देश
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण एवं शहरी) तथा अबुआ आवास योजना की समीक्षा करते हुए लंबित आवासों का निर्माण शीघ्र पूरा करने का निर्देश दिया गया। एनजीटी की अवधि समाप्त होने के बाद निर्माण कार्यों में तेजी लाने पर भी जोर दिया गया।
पेयजल व्यवस्था के स्थायी समाधान पर जोर
स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) एवं शहरी जलापूर्ति योजना की समीक्षा के दौरान बताया गया कि 300 घरों में जलापूर्ति का कनेक्शन उपलब्ध कराया गया है। बरसात के दौरान इंटेक वेल में गाद जमा होने की समस्या के स्थायी समाधान के लिए दीर्घकालिक योजना तैयार की जा रही है।
विधायकों ने लिट्टीपाड़ा एवं अमड़ापाड़ा क्षेत्र में पेयजल समस्या के स्थायी समाधान के लिए बेहतर कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया।
लिट्टीपाड़ा विधायक हेमलाल मुर्मू ने गंगाजल योजना की जानकारी ली। पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के कार्यपालक अभियंता ने बताया कि दूसरे चरण में संबंधित क्षेत्रों को गंगाजल आपूर्ति योजना से जोड़ा जाएगा। राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजलापूर्ति कार्यक्रम एवं जल जीवन मिशन के तहत साहिबगंज से गंगा का जल लाने के लिए इंटेक वेल निर्माण का कार्य प्रगति पर है। इसे दिसंबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
बिजली एवं स्वास्थ्य सेवाओं की भी हुई समीक्षा
दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण विद्युतीकरण योजना की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले के नौ गांवों में अभी तक विद्युत आपूर्ति नहीं पहुंची है। इन गांवों में विद्युत सुविधा उपलब्ध कराने के लिए झारखंड रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी (जेआरईडीए) के माध्यम से कार्य किया जा रहा है।
महेशपुर विधायक प्रोफेसर स्टीफन मरांडी ने खराब ट्रांसफॉर्मरों को तत्काल बदलने की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की समीक्षा के दौरान सदर अस्पताल में रात्रिकालीन चिकित्सीय व्यवस्था, एंबुलेंस सेवा एवं अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली गई। बताया गया कि रात्रिकालीन आपातकालीन सेवा के लिए चिकित्सक उपलब्ध रहते हैं। पुराने एंबुलेंसों के रखरखाव एवं मरम्मत के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
12 लाभुकों के बीच स्वीकृति पत्र एवं परिसंपत्तियों का वितरण
बैठक के दौरान सांसद विजय कुमार हांसदा, विधायकगण, उपायुक्त मेघा भारद्वाज, पुलिस अधीक्षक अनुदीप सिंह, जिला वन प्रमंडल पदाधिकारी सौरभ चंद्रा एवं जिला परिषद अध्यक्ष जूली खिष्टमणि हेम्ब्रम द्वारा विभिन्न योजनाओं के कुल 12 लाभुकों के बीच स्वीकृति पत्र एवं परिसंपत्तियों का वितरण किया गया।
समाज कल्याण विभाग की ओर से दो लाभुकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। आवास विभाग की ओर से पीएम जनमन आवास एवं अबुआ आवास योजना का लाभ दिया गया। स्वास्थ्य विभाग ने पोषण किट, कृषि विभाग ने किसान समृद्धि योजना के तहत लाभ तथा खेल-कूद विभाग ने क्रिकेट, साइकिल एवं कबड्डी किट का वितरण किया।
वहीं, झारखंड राज्य आजीविका संवर्धन सोसाइटी (जेएसएलपीएस) के माध्यम से दो लाभुकों को 3.27 करोड़ रुपये के सीएलएफ कोष से संबंधित लाभ प्रदान किया गया।
पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ योजनाओं के क्रियान्वयन पर जोर
उपायुक्त मेघा भारद्वाज ने कहा कि सांसद द्वारा दिए गए सभी निर्देशों का समयबद्ध और शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि जिले में संचालित सभी योजनाओं का क्रियान्वयन पारदर्शिता, गुणवत्ता एवं जवाबदेही के साथ करना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
बैठक के अंत में सांसद विजय कुमार हांसदा ने सभी विभागों को निर्देश दिया कि बैठक में दिए गए निर्देशों का अनुपालन अगली बैठक से पूर्व सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने तथा योजनाओं का लाभ पात्र लाभुकों तक पहुंचाने पर विशेष जोर दिया।
बैठक में महेशपुर विधायक प्रोफेसर स्टीफन मरांडी, लिट्टीपाड़ा विधायक हेमलाल मुर्मू, पाकुड़ विधायक निशात आलम, उपायुक्त मेघा भारद्वाज, पुलिस अधीक्षक अनुदीप सिंह, जिला वन प्रमंडल पदाधिकारी सौरभ चंद्रा, जिला परिषद अध्यक्ष जूली खिष्टमणि हेम्ब्रम, उप विकास आयुक्त अरविन्द कुमार लाल, नगर परिषद उपाध्यक्ष राणा ओझा, परियोजना निदेशक आईटीडीए अरुण कुमार एक्का, अपर समाहर्ता जेम्स सुरीन, अनुमंडल पदाधिकारी साईमन मरांडी सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी एवं जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।








